गैस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग केंद्र के डॉ. प्रवीण मल्होत्रा होंगे इसके इंचार्ज
हर्षित सैनी
रोहतक। नेशनल वायरल हैपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीएचसीपी) के तहत हैपेटाइटिस बी की मुफ्त दवाईंयों का वितरण भारत में शुरू हो गया है और इसी के तहत हरियाणा में भी यह मुफ्त दवाईंयां मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध करवा दी गई हैं। इसकी शुरूआत पंड़ित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओ.पी. कालरा ने अपने हाथों से बृहस्पतिवार को मरीजों को दवा देकर की।
कुलपति के अनुसार पीजीआईएमएस का गैस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग केंद्र के द्वारा मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर है और डॉ. प्रवीण मल्होत्रा इसके इंचार्ज हैं। यहां पर काले पीलिये के मरीज रोजाना देखे जाते हैं, वहीं एक ही छत के नीचे सारी जांचें व इलाज नि:शुल्क किया जाता है। इसके लिए यहां पर कम्प्यूटर डॉटा एंट्री आप्रेटर सोनल, फार्मासिस्ट शिवानी और हैल्थ काऊंसलर सिकंदर भी अपना योगदान देते हैं।
उन्होंने बताया कि डॉ. प्रवीण मल्होत्रा इस नेशनल प्रोजैक्ट के शिर्ष नेशनल स्क्रीनिंग कमेटी के मनोनीत सदस्य हैं और इसी कमेटी ने इस प्रोजैक्ट की रूपरेखा तैयार की है और समय-समय पर इसकी मानिटरिंग करते हैं। कुलपति ने कहा कि डॉ. प्रवीण की अध्यक्षता में गैस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग मरीजों के हित में बेहतरीन कार्य कर रहा है।
डॉ. प्रवीण मल्होत्रा के अनुसार अब तक हैपेटाइटिस सी का इलाज, हैपेटाइटिस सी की तुलना में ज्यादा लंबा है। हैपेटाइटिस सी का इलाज 12 से 24 हफ्ते तक दिया जाता है परंतु हैपेटाइटिस बी का इलाज जिन मरीजों में लीवर खराब हो चुका है, उसमें पूरी जिंदगी दिया जाता है और जिस पर लीवर पर दबाव शुरूआती दौर में है तो लगभग 2 से 3 साल तक किया जाता है।
इस अवसर पर डॉ. वाणी मल्होत्रा, संदीप, नरेश व राजे सिंह उपस्थित थे।