– सुरक्षा की दृष्टि से आयोजन को सूक्ष्म रुप से मनाने पर बनी आपसी सहमति
-बड़ाबाजार की सभी नौ गणगौर मंडलियों ने प्रशासन को दिया सहयोग का आश्वासन
– कहा -परम्पराओं का पालन करेंगे, मगर कोरोना से सुरक्षा का ख्याल रखते हुए
सच्चिदानंद पारीक (ओम एक्सप्रेस ब्यूरो)
कोलकाता. बड़ाबाजार के लगभग ड़ेढ़ सौ साल पुराने परम्परागत गणगौर मेले पर भी अब कोरोना का असर पड़ता दिखाई दे रहा है.मंगलवार को बड़ाबाजार के माहेश्वरी भवन में गणगौर मेले के आयोजन से जुड़ी सभी नौ गणगौर मंडलियों के प्रतिनिधियों ने मेले की प्रतिनिधि इकाई सम्मलित गवरजा कमेटी के पदाधिकारियों के साथ इस विषय में बैठक की.बैठक की अध्यक्षता गोपालदास चांडक ने की. बैठक में कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार व राज्य सरकार की एडवायजरी पर विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में पोस्ता थाना के प्रभारी पृथ्वीराज भट्टाचार्य भी पहुंचे. उन्होंने कहा -वर्तमान में कोरोना का असर पूरे विश्व पर पड़ा है. राज्य में भी इससे लेकर सुरक्षा बरती जा रही है. ऐसे में हम कोशिश करें कि आस्था का यह त्यौहार भी मने और लोग
इस वायरस से सुरक्षित भी रहे

. मेले में सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा लोग शामिल न हो हमे इसका विशेष रुप से ध्यान रखना चाहिए. सभा के अंत में सभी ने सर्वसम्मति से कोरोना के प्रभाव के बीच तीन दिवसीय गणगौर मेले को सूक्ष्म रुप से जारी निर्देशों के आधार पर मनाने का निर्णय लिया. सभा में उपस्थिति नौ गणगौर मंडलियों के प्रतिनिधियों ने एकमत से कहा कि वर्तमान मे ंकोरोना को लेकर जागरुकता बरतने की जररुत है. हमें सरकार और प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए. मिटिंग में निर्णय लिया गया कि सभी नौ गणगौर मंडलियां साधारण तरीके से पूजन कार्यक्रमों का आयोजन करेगी किसी तरह का जुलूस वगैरह नहीं निकाला जायेगा. सिर्फ परंपरा के अंतर्गत तीज और चौथ को गंगा घाट पर मां को पानी पिलाने की रस्म काफी कम
लोगों को साथ पूरी की जायेगी. परम्परागत रोडो गीत के माध्यम से मां की गीत वंदना की जायेगी. सभी नौ गणगौर मंडलियों के प्रतिनिधि नारायण सादानी (ढिल्लू ), राजकुमार चांडक, प्रमोद डागा, श्रीवल्लभ दुजारी, जयंत डागा, सुरेश बागड़ी, जुगल राठी,श्रीचंद डागा, नरेंद्र बागड़ी,नवरतन बिन्नानी (टीकम), जेठमल रंगा, जगदीश हर्ष, महावीर जोशी, बंशीलाल लाखोटिया, कृष्ण कुमार मीमानी, सुदर्शन सारड़ा,बलदेव दास बाहेती, मनोज कोठारी व अन्य सभा में मुख्य रुप से उपस्थित थे.तृणमूल नेता व आयोजन के सहयोगी सपन बर्मन, गोपाल दास दम्मानी, राजकुमार तिवाड़ी, गणेश मीमानी, महेश मीमानी भी सभा में विशेष रुप से उपस्थित थे. सहयोगी सदस्य विश्वनाथ व्यास, सुरेश पोद्दार, कौस्तुभ राठी ने भी सभा में उपस्थिति दर्ज करायी.