बारां । गत वर्ष जून महीने में एक व्यक्ति को अन्य बैंकों की तुलना में कम ब्याज दर पर लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर 20.65 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में साइबर थाना पुलिस की टीम ने आरोपी भाइयों विकास कुमार पुत्र जयपाल सिंह (26) एवं पुनीत कुमार (29) निवासी मोहम्मदपुर रुस्तमपुर जिला हापुडा उत्तर प्रदेश को गाजियाबाद के गोविंदपुरम इलाके में एक फ्लैट से गिरफ्तार किया है।
एसपी राजकुमार चौधरी ने बताया कि दोनों के विरुद्ध थाना सेक्टर 63 गौतम बुधनगर गाजियाबाद पर फर्जी लोन दिलाने का ऑफिस चला लोगों से धोखाधड़ी का आरोप है। जून 2023 में फरियादी देवी शंकर नागर ने साइबर थाना पर एक शिकायत दी। जिसमें बताया कि जून 2022 में आदित्य बिरला कैपिटल की कर्मचारी बन एक लड़की ने कॉल किया और अन्य बैंकों की तुलना में कम ब्याज दर पर लोन स्वीकृत कराने का ऑफर देकर फाइल चार्ज के नाम पर कुछ रुपए डलवाए। इसके बाद 10.70 लाख रुपए का लोन स्वीकृत होने की कह लोन क्लीयरेंस के नाम पर अलग-अलग चार्ज के ढाई लाख रुपए ले लिए।
इसके बाद बैंक के अन्य कर्मचारी पुनीत, विकास ने फाइल कैंसिल कराने व रकम वापस लौटाने के नाम पर अलग-अलग चार्ज बता 12.50 लाख रुपए ऑनलाइन लिये। 20.65 लाख रुपए जाने के बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। इस दौरान उसने कंपनी की मेघा माला, शिबू, कोमल, सचिन एवं पुनीत नाम के लोगों से बात की थी। जिन्होंने उसके साथ धोखाधड़ी की है। रिपोर्ट पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएचओ साइबर थाना पूजा नागर आरपीएस के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा पीड़ित के बैंक खाता एवं ठगी में प्रयोग किए गए बैंक खातों की डिटेल, केवाईसी व बैंक खाता ओपनिंग फॉर्म प्राप्त कर इन खातों में दर्शाए ईमेल आईडी की डिटेल गूगल से प्राप्त की। आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल का विश्लेषण कर तकनीकी सहायता से आरोपी विकास कुमार और पुनीत कुमार को गाजियाबाद के गोविंदपुरम इलाके के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल दिग्विजय सिंह व कांस्टेबल लक्ष्मण चौधरी की विशेष भूमिका रही।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दोनों, दिवांश सक्सेना व सोनी खातून नाम की लड़की नोएडा में लोन दिलाने का आफिस चलाते थे। लोन दिलाने पर बैंक से ज्यादा कमीशन नहीं मिलने के कारण उन्होंने ठगी करना प्रारंभ कर दिया। जिन लोगो को लोन की आवश्यकता होती थी, सोनी खातून उनसे मेघा माला कोमल, शिबू या अन्य दूसरे नाम से बात करती। और बातों में लेकर चार्जेज के नाम से पैसे ट्रांसफर करा लेती। उसके बाद वे पैसे निकाल कर आपस में बांट लिया करते। आरोपियों ने लोन के नाम से कई लोगों से ठगी करना कबूला है। इनसे और भी मामलों के खुलासा होने की संभावना है।
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