जिंदगी में हजारों से मेला जुड़ा, हंस जब-जब उड़ा अकेला उड़ा- आचार्य श्री विजयराज जी म.सा.
_उच्च कोटि का साधक वही जिसमें उदारता-बीकानेर। संयम के लिए विचारों में उदारता जरूरी है। उदारता के लिए तीन बातें जरूरी है। पहली खुला दिल, दूसरी बात असंकीर्ण दिमाग और…







