गैर बराबरी और विकास की अवधारणा पर मुक्त मंच की गोष्ठी
मनसा,वाचा और कर्मणा से कार्य हो तो गैर बराबरी दूर होना संभव; डॉ.कुसुम
जयपुर 17 नवंबर। वरिष्ठ भाषाविद और साहित्यकार डॉ नरेन्द्र शर्मा कुसुम ने कहा है कि विकास की अवधारणा में आम आदमी को जीवन की न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति और समानता…
