आगरा।सम्पूर्ण देश में कोरोना संकट काल में पत्रकार एक कोरोना योद्धा की तरह जान जोखिम में डाल कर दिन रात परिश्रम करके अपने कर्तव्य का पालन तथा सरकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कृत कार्यवाही व निर्णयों के समाचारों का प्रसारण व जनमानस को भीषण महामारी से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं।
अखिल भारतीय समाचार पत्र एसोसिएशन लगातार विगत २२.०४.२०२० से देश व प्रदेश सरकार से सभी पत्रकारों को ५० लाख का बीमा कवर देने, लाक डाउन अवधि में १०००० रुपये मासिक सहायता एवं पत्रकार को उसके आवास से आने जाने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। देश के विभिन्न समाचार पत्र संगठनों के समर्थन से उपरोक्त मांगों के लिए राष्ट्रीय मीडिया महासंघ निरन्तर १७ दिनों से “National Cyber Protest” कर रहा है किन्तु खेद है कि मांगों पर आज तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गयी। परिणामतः आगरा के वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ की दुखद मृत्यु कोरोना से हो गयी। पत्रकारों को कोरोना योद्धा की श्रेणी में रखते हुए उनकी समुचित सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार को उठानी ही चाहिए और सभी पत्रकारों को बीमा कवर के साथ इस महामारी से जीवन हानि होने की दशा में ५० लाख मुआवजा व प्रभावित परिवार से एक नौकरी का प्राविधान किये जाने की नितान्त आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार से शोक संतप्त पीड़ित पत्रकार परिवार को ५० लाख रुपये के मुआवजा तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की जाती है। कोरोना से उत्तर प्रदेश में किसी पत्रकार के निधन की यह पहली घटना है।राजस्थान के अनेक पत्रकार साथियों ने ठाकुर की आसमयिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।उत्तरप्रदेश सरकार से सहयोग राशी ओर उनके परिवार में एक को सरकारी सेवा में लगाने के लिए सरकार से मांग करेगा।