बीकानेर , । बीकानेर साहित्य जगत में एक और बड़ी क्षति हो गयी। रविवार की अल सुबह 4 .05 बजे लोक कला मर्मज्ञ साहित्यकार डॉ.श्रीलाल मोहता इस जीवन से विदा हो गए। पिछले कुछ दिनों से पीबीएम अस्पताल के कोविड सेन्टर में कोरोना से झूझ रहे थे। पीबीएम अस्पताल की चरमराती व्यव्स्थाओंकी पोल रोज खुल रही है। शहर का चाहे आम व्यक्ति हो या खास डॉक्टर किसी की परवाह दिल से नहीं करते जिसका खामियाजा हम प्रतिदिन भुगत रहें है। उनकी धर्मपत्नी भी कोविड का इलाज ले रही हैं।
प्रख्यात लोक कला मर्मज्ञ ,साहित्यकार, ओरल हिस्ट्री के मुख्य वक्ता और बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति के अध्यक्ष परम श्रद्धेय डॉ.श्रीलाल मोहता के आज ब्रह्म मुहूर्त में प्रात: 4 बजे निधन से लोक कला एवं साहित्य जगत में अपूरणीय क्षति हुयी है ।
डॉ.श्रीलाल मोहता अपने जीवन में रामपुरिया महाविधालय में अध्यापन का कार्य करते रहे। प्रख्यात विचारक और चिंतक एव श्री मद्भागवत गीता के उपदेशों के मर्म की व्यख्या करने वाले होम्योपैथी के विशेषज्ञ स्व.डॉक्टर छगन मोहता जी के सुपुत्र डॉ श्री लाल मोहता ने उनकी साहित्यक विरासत को ना केवल संभाला अपितु पल्लवित -पुष्पित किया। बीकानेर शहर के अनेक साहित्यक संस्थाओं ने समय समय पर आपको सम्मानित किया आपका अभिनन्दन किया।वरिष्ठ एडवोकेट अजय पुरोहित व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अजय जोशी ने डॉ.श्रीलाल मोहता के निधन को अपूर्णीय क्षति बताया है।

– उच्च शिक्षा मंत्री ने डॉ. मोहता के निधन पर जताया शोक
उच्च शिक्षा मंत्री श्री भँवर सिंह भाटी ने लोक कला मर्मज्ञ और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रीलाल मोहता के निधन पर शोक जताया है।
श्री भाटी ने कहा कि डॉ. मोहता सदैव लोक कला, संस्कृति और परम्पराओं के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहे। डॉ. मोहता एक प्रखर वक्ता, प्रबुद्ध लेखक और कुशल प्रबंधक थे। उनका निधन लोक परम्पराओं के संरक्षण के दृष्टिकोण से एक युग का अंत है। श्री भाटी ने डॉ. मोहता के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।