“कब्रिस्तान के बाहर निर्माण की सूचना मिलने के बाद दोनों पक्षों का समझाइश कर निर्माण हटवाया जा रहा है – पुलिस”

बीकानेर।धर्मस्थल पर पक्के निर्माण को लेकरदो पक्षों में टकराहट से गरमाया माहौल सोमवार को गजनेर हाईवे की इस दरगाह पर हो रहे निर्माण को लेकरभड़के माहौल के दौरान दोनों पक्षों के लोग आमने सामने हो गये। मौके पर स्थित बिगडऩे का अंदेशा होने पर पुलिस दीवार बनकर खड़ी हो गई,और पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों के लोगों का अलग थलग कर समझाने में जुट गये। हालांकि एक बारगीतो दोनों पक्षों में सीधी टकराहट हो गई थी,लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल ली। वहीं घटनास्थल पर मौजूद रही एसडीएम मीनू वर्मा ने दोनेां पक्षों के लोगों की सुनवाई करने के माहौल शांत बनाये रखने का आग्रह किया। इस बीच सीओ सदर पवनभदौरिया ने बताया कि कब्रिस्तान के बाहर धर्मस्थल पर निर्माण की सूचना मिलने के
बाद दोनों पक्षों का समझाइश कर निर्माण हटवाया जा रहा है। इस घटनाक्रम के दौरान मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये सीओ सिटी सुभाष शर्मा, सीओ सदर पवन भदौरिया, डीवाईएसपी धरम पूनिया,सदर थाना प्रभारी सत्यनारायण
गोदारा,बीछवाल थाना प्रभारी मनोज शर्मा सहित भरी मात्रा में पुलिस बल रहे। दीवार बन गई पुलिस पुलिस ने रात को दुगुना जाब्ता बुला लिया,इससे पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया दिनभर चले घटनाक्रम के बाद एक पक्ष के लोगों की नाराजगी को देखते हुए मौके किसी तरह की अप्रिय घटना होने से आशंकित पुलिस ने रात को दुगुनाजाब्ता बुला लिया,इससे पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। मौके परमौजूद एएसपी सिटी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है,किसी ने माहौल बिगाडऩे का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

पुलिस ने मौके पर हालात नियंत्रण करने के बाद दोनों ही पक्षों के लोगों को वहां से खदेड़ दिया। देर रात को शहर पुलिस थानों के अलावा ग्रामीण पुलिस थानों के प्रभारीभी जाते के साथ मौजूद रहे। रात को ज्यादा बढ़ा दिया जाप्ता कब्रिस्तान के पास धर्मस्थल पर निर्माण को लेकर एकपक्ष की ओर से सदर थाने में परिवाद पेश किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद समुदाय विशेष के लोगों ने मौके पर पक्का निर्माण करलिया। यह निर्माण पूरी तरह अवैध है ।

यह है मामला :गजनेर रोड़ परभुट्टो का चौराहा कब्रिस्तान के बाहर एक धार्मिक स्थान पर हुए पक्के निर्माण कोलेकर दो पक्ष आमने सामने हो गए ।इससे मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया पुलिस को भारी जाब्ता लेकर मौके परपहुंचना पड़ा । जानकारी के अनुसार कब्रिस्तान के बाहरपक्का निर्माण गुपचुप
तरीके से हो रहा था,कुछ लोग मौके परटेंट में छिपकर निर्माण कर रहे थे। इसकीभनक लगने के बाद दूसरे पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गये और निर्माण तोडऩे की बात को लेकर अड़ गये। मामला गरमाता देख प्रशासन और पुलिस अधिकारियों नेदोनों पक्षों के लोगों का शांत कर समझौतावार्ता की। इसके बाद एक पक्ष के लोग निर्माण तोडऩे के लिये राजी हो गये औरउन्होंने शर्त रखी कि यह निर्माण पर्दे की ओट में तोडेंग़़े। प्रशासन और पुलिसअधिकारियों ने निर्माण का विरोध कर रहे।

लोगों को मौके पर मौजूद रहकर निर्माण तुड़वाने का भरोसा दिलाया,लेकिन दूसरेपक्ष ने निर्माण को पूरी तरह हटाने के बजाय छोटा कर सीमेंट का पलस्तरकरवा लिया। इसकी भनक लगने के बादविरोध कर रहे लोगों में आक्रोश की लहर
व्याप्त हो गई,उधर दूसरे पक्ष के लोग भी
सामना करने के लिये तैयार हो गयो।इससे मौके पर माहौल ज्यादा संवेदनशीलहो गया और दोनों पक्षों की ओर पत्थरबाजी शुरू हो गई। हालात बिगड़ते
देख कर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ाऔर स्थिति पर काबू पाने के लिये रेपिड एशन फोर्स बुलानी पड़ी। दरगाह पर हुए निर्माण को लेकर मौके पर पहुंचे श्रीकरणीसेना के प्रदेश अध्यक्ष करण प्रताप सिंह सिसोदिया,बजरंग दल नेता दुर्गासिंह,विहिप नेता अनिल शर्मा,हिंदूजागरण मंच के जेठानंद व्यास,भाजपा नेता भगवान सिंह मेड़तिया ने कहा कि इस स्थान पर न्यायालय का स्थगन आदेश होने के बावजूद पिछले तीन दिनों सेनिर्माण करवाया जा रहा है । उन्होने बताया कि इस निर्माण को लेकर प्रशासनऔर पुलिस को अवगत करवा दिया गया था,इसके बावजूद निर्माण हटाने कीकार्यवाही नहीं हुई। इसलिये हमें विरोध प्रदर्शन के मौके पर पहुंचना पड़ा। उन्होनेनाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि
प्रशासन और पुलिस की ओर से दिलाये गये भरोसे के बावजूद मौके से निर्माण पूरी तरह नहीं हटाया गया है। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से मौके पर मौजूद माशूक अहमद,सफदर भाटी,पूर्व पार्षद शहाबूदीनभुट्टा और साजिद अली ने कहा कि हम कब्रिस्तान की जमीन के दायरे में बनी मजार पर निर्माण कर रहे है,और यहनिर्माण अवैध नहीं है।

– आपस में उलझे दो समुदाय के लोग

मजार पर निमार्ण – आपस में उलझे दो समुदाय के लोग, परस्पर मामले दर्ज, सदर थाना पुलिस ने भुटटों का चौराहा क्षेत्र में कब्रिस्‍तान के पास स्थित एक मजार पर कोर्ट के स्‍टे के बावजूद अवैध निर्माण कराने व निर्माण कार्य का विरोध करने के मामले में दोनों पक्षों पर परस्‍पर मामले दर्ज किए हैं।

साथ ही कोरोना गाइड लाइन का उल्‍लघंन करने पर प्रशासन की ओर से दोनों समुदाय के लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने हिन्‍दू जागरण मंच के महानगर संयोजक अंकित भारद्वाज की रिपोर्ट पर पूर्व पार्षद शहाबुदीन, उमरदीन, साजिद भुटटा व लगभग 150 लोगों पर लॉक डाउन की आड में एक धार्मिक स्‍थल पर अवैध भवन निर्माण कार्य कराने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

परिवादी भारदवाज के अनुसार अवैध निर्माण का विरोध करने पर आरोपियों ने मोहल्‍ले के लोगों को घातक हथियार लहराकर डराया-धमकाया। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से सानू अली की रिपोर्ट पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के लोगों पर विभिन्‍न आरोपों में मामला दर्ज कराया गया है।

इस विवाद के दौरान मौके पर शहजाद, माशूक अहमद सफदर भाटी, साजिद, उमर दराज, हिन्‍दू जागरण मंच के प्रांत संयोजक जेठानंद व्‍यास, भाजपा नेता भगवान सिंह मेडतिया, करणी सेना के प्रदेश अध्‍यक्ष कर्णप्रताप सिंह सिसोदिया, दुर्गासिंह, विश्‍व हिन्‍दू परिषद के अनिल शर्मा, सूरज पुरोहित, योगेश जांगीड, विक्रम सिंह रावत, कुंदन सिंह आदि मौजूद रहे।

मामले को शांत करने के लिये मौके पर पहुंचे आला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों में एडीएम सिटी अरुण प्रकाश शर्मा, एसडीएम मीनू वर्मा, सीओ सदर पवन भदोरिया, एएसपी सिटी शैलेन्द्र इंदोरिया, सीओ सिटी सुभाष शर्मा, आरपीएस धरम पूनिया सहित आरएसी व पुलिस का भारी जाप्‍ता मौजूद रहा।

जानकारी के अनुसार भाजपा नेता भगवान सिंह मेडतिया ने सोमवार सुबह लगभग नौ बजे भुटटों के चौराहे पर बनी मजार में अवैध रूप से निर्माण कार्य होने की जानकारी प्रशासन को देते हुए निर्माण रोकने की गुहार लगाई। इस दौरान मौके पर दोनों पक्षों के लोग जमा होने शुरू हो गए, आमना सामना भी हुआ।

इस मामले में पुलिस ने दोपहर तक दोनों पक्षों के बीच में दो बार वार्ता कराई, समझौता भी हुआ मगर विवाद नहीं थमा। शाम पांच बजे दोनों पक्ष एक बार और आमने सामने हो गए। पुलिस ने मामला बिगडता देख सोमवार शाम साढे पांच बजे के लगभग दोनों पक्षों को मौके से हटाने के लिये हल्‍का बल प्रयोग किया। सोमवार की देर रात को दोनों पक्षों ने अपनी अपनी ओर से परस्‍पर एफआईआर दर्ज करा दी।

शहर भाजपा अध्‍यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने भी इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए यथा स्थ्‍ति रखने का आग्रह किया। सिंह के अनुसार मामला पहले से ही कोर्ट में है ऐसे में निर्माण कार्य नहीं हो सकता है।