एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) ने अपने 31वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज मुंबई में ‘म्यूचुअल फंड सही है’ अभियान के तहत निवेशक शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहलों की घोषणा की। इन पहलों का लक्ष्य है, महिलाओं, पहली बार निवेश करने वालों, छोटे कस्बों और शहरों के परिवारों, स्व-सहायता समूहों और माइक्रोफाइनेंस समुदायों जैसे विभिन्न वर्गों में जागरूकता और भागीदारी बढ़ाना। एएमएफआई ने इन पहलों के ज़रिये, म्यूचुअल फंड वितरण परितंत्र में पेशेवर और नैतिक मानकों को भी सुदृढ़ करने की योजना बनाई है।

 

इन पहलों की घोषणा सेबी अध्यक्ष, श्री तुहिन कांत पांडे; सेबी के पूर्णकालिक सदस्य श्री अमरजीत सिंह; सेबी के कार्यकारी निदेशक श्री मनोज कुमार; एएमएफआई के अध्यक्ष श्री संदीप सिक्का; और एएमएफआई के मुख्य कार्यकारी, श्री वेंकट एन. चलासानी की मौजूदगी में की गई। इस अवसर पर एएमएफआई निदेशक मंडल के सदस्य, एएमसी के मुख्य कार्यकारी और उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

 

ये पहलें एएमएफआई की उस व्यापक प्रयास की अंग हैं जिसके तहत निवेशक शिक्षा को पारंपरिक वर्गों और क्षेत्रों से परे ले जाया जा रहा है। इसका लक्ष्य है, निवेश को आसान, सुलभ और रोज़मर्रा की वित्तीय ज़रूरतों के अनुरूप प्रासंगिक बनाना।

 

सेबी के अध्यक्ष श्री तुहिन कांत पांडे ने इस मौके पर म्यूचुअल फंड की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा, “म्यूचुअल फंड दोहरी भूमिका निभाते हैं। इनसे परिवारों को भारत की विकास की संभावनाओं में शामिल होने में मदद मिलती है और उनकी बचत का निवेश उत्पादक अर्थव्यवस्था में होता है।”

 

उन्होंने भरोसे और ज़िम्मेदारी के बारे में कहा, “म्यूचुअल फंड उद्योग जनता का पैसा संभालता है, जिसके साथ विशेष किस्म की भरोसे और ज़िम्मेदारी की भावना जुड़ी होती है। ऐसे में उद्योग के दायरा और जटिलता के विस्तार के साथ-साथ गवर्नेंस और निगरानी भी बढ़नी चाहिए।”

 

उन्होंने अधिक भागीदारी पर ज़ोर देते हुए कहा, “निवेशकों की अगली पीढ़ी मुख्य रूप से छोटे कस्बों, पहली बार निवेश करने वालों और कम प्रतिनिधित्व वाले वर्गों से होगी। उत्पाद,  वितरण और संवाद के तरीकों को उसी के अनुसार ढालना होगा।”

 

उन्होंने एएमएफआई के ‘म्यूचुअल फंड सही है’ अभियान और सेबी के देशव्यापी निवेशक जागरूकता अभियान ‘प्रोजेक्ट जागरूक’ को दिए गए समर्थन की भी सराहना की।

 

एएमएफआई के अध्यक्ष श्री संदीप सिक्का ने इस अवसर पर कहा, “म्यूचुअल फंड उद्योग की वृद्धि को अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश करने की बढ़ती संस्कृति से बढ़ावा मिला है। अब निवेशकों में जागरूकता बढ़ाकर, पहुंच का विस्तार कर और पहली बार निवेश करने वालों तथा निवेश के इस विकल्प की पहुंच से दूर रहे निवेशकों में भरोसा पैदा कर इस प्रगति को देश के बड़े हिस्से तक पहुंचाने का अवसर। आज घोषित पहल का लक्ष्य है, निवेशकों की शिक्षा को विभिन्न समुदायों, छोटे शहरों, महिलाओं और युवा निवेशकों तक पहुंचाना, साथ ही उन मानकों को मज़बूत करना जो म्यूचुअल फंड परितंत्र में भरोसे की नींव हैं।”

 

एएमएफआई के मुख्य कार्यकारी श्री वेंकट एन. चलसानी ने इस अवसर पर कहा, “इन पहलों का एक ही लक्ष्य है और वह है, देश भर में म्यूचुअल फंड तक पहुंच, इसके बारे में लोगों की समझ और भरोसा बढ़ाना। म्यूचुअल फंड को हर घर के लिए वाकई उपयोगी बनाने के लिए, निवेश को आसान, सुलभ, भरोसेमंद और रोज़मर्रा की वित्तीय जरूरतों के मुताबिक होना चाहिए। समुदायों, शहरों और वितरण परितंत्र में संस्थानों के साथ हमारी भागीदारी का लक्ष्य है, निवेशकों की शिक्षा को उन जगहों तक पहुंचाना जहां लोग रहते हैं, काम करते हैं और वित्तीय फैसले लेते हैं।”

 

उन्होंने आगे कहा, “म्यूचुअल फंड को भारत के कोने-कोने तक पहुंचाने में वितरकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। भरोसे के बिना वृद्धि न तो बरकरार रहती है और न ही यह वांछनीय है। इसलिए, वितरण परितंत्र में पेशेवर नज़रिया, नैतिकता और ज़िम्मेदार व्यवहार बढ़ाना उतना ही ज़रूरी है जितना कि निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना।”

 

स्थापना दिवस पर घोषित पहल से ‘म्यूचुअल फंड सही है’ के तहत निवेशकों की शिक्षा, वित्तीय समावेश, महिलाओं की वित्तीय जागरूकता, ज़मीनी स्तर पर पहुंच और मज़बूत उद्योग मानकों को मिलाकर म्यूचुअल फंड में भागीदारी बढ़ाने के संबंध में एएमएफआई की निरंतर प्रतिबद्धता ज़ाहिर होती है।

 

 

गौरतलब है कि पूंजी बाज़ार में परिवारों की भागीदारी बढ़ रही है, ऐसे में एएमएफआई का ध्यान इस बात पर है कि अधिक से अधिक संख्या में लोग बेहतर जानकारी, आत्मविश्वास और भरोसे के साथ भारत की वृद्धि की संभावना में हिस्सा ले सकें।

 

एएमएफआईएनआईएसएम: म्यूचुअल फंड वितरकों के बीच पेशेवर और नैतिक मानकों को मज़बूत करना

 

एएमएफआई ने म्यूचुअल फंड वितरण परितंत्र में पेशेवर और नैतिक मानकों को मज़बूत करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) के साथ हाथ मिलाया है। एनआईएसएम, वाशी में आयोजित सफल पायलट कार्यशालाओं के आधार पर, यह कार्यक्रम अगले 12 महीनों में 10–12 बड़े शहरों में लगभग 20 कार्यशालाओं का आयोजन करेगा, जिनमें लगभग 10,000 म्यूचुअल फंड वितरक (एमएफडी) शामिल होंगे।

 

ऐसे कार्यशालाएं निवेशकों के हितों के प्रति ज़िम्मेदारी, नैतिकता, नियमों का पालन, गलत तरीके से बिक्री और बार-बार खरीद-बिक्री रोकने, डेटा प्राइवेसी और बिज़नेस सक्सेशन पर केंद्रित होंगी। इनका लक्ष्य है, वितरण परितंत्र में निवेशकों का भरोसा बढ़ाना और ज़िम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देना।

 

एनआईएसएम के निदेशक श्री शशि कृष्णन की मौजूदगी में इस समझौते को औपचारिक रूप दिया गया।

 

एएमएफआई-सा-धन: सूक्ष्म -उधारकर्ता से सूक्ष्म -बचतकर्ता और सूक्ष्म -निवेशक बनने का सफर

 

एएमएफआई ने माइक्रोफाइनेंस सेक्टर के लिए आरबीआई से मान्यता प्राप्त सेल्फ-रेगुलेटरी ऑर्गनाइज़ेशन (एसआईओ), सा-धन के साथ गठजोड़ किया है, ताकि स्व-सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों और माइक्रोफाइनेंस उधारकर्ताओं तक निवेशक शिक्षा पहुंचाई जा सके।

 

इस पहल के तहत पांच राज्यों में 500 निवेशक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनसे लगभग 25,000 लोग जुड़ेंगे। साथ ही, 100 ‘निवेश सखियों’ का एक नेटवर्क बनाया जाएगा, जो म्यूचुअल फंड के बारे में जागरूकता और ज़िम्मेदार निवेश के लिए भरोसेमंद शुरुआती संपर्क बिंदु के तौर पर काम करेंगी। साथ ही इसका लक्ष्य है, कम आय वाले परिवारों के बीच सिस्टमैटिक सेविंग (व्यवस्थित बचत) और समझदारी से निवेश करने के बारे में जागरूकता पैदा करना, ताकि उन्हें सूक्ष्म (माइक्रो) -उधारकर्ता से सूक्ष्म-बचतकर्ता और सूक्ष्म -निवेशक बनने की यात्रा में मदद मिल सके।

 

इस समझौते पर सा-धन के खजांची और निदेशक, श्री किरण कुमार की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।

 

भारत निवेश मेला: निवेशक शिक्षा को दूर-दराज़ के इलाकों तक ले जाना

 

एएमएफआई ने ‘भारत निवेश मेला’ की घोषणा की है। यह निवेशकों की शिक्षा से जुड़ी ऐसी पहल है जिसे वित्तीय जागरूकता को बड़े शहरों से आगे टियर-2 और टियर-3 बाज़ारों तक ले जाने के लिए तैयार किया गया है।

 

इस पहल में एसआईपी, कंपाउंडिंग की ताकत, परिसंपत्ति आवंटन (एसेट एलोकेशन), बाज़ार में उतार-चढ़ाव और धोखाधड़ी से बचाव जैसी अवधारणाओं को आसान बनाने के लिए संवादपरक तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। मेले में इंटरैक्टिव गेम, विशेषज्ञों की सलाह, निवेशक जागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक गतिविधियां और परिवारों तथा बच्चों के लिए विशेष ज़ोन होंगे।

 

यह कार्यक्रम ‘विश्व निवेशक सप्ताह’ के दौरान पांच शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा और इससे मिली जानकारी के आधार पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा।

 

 

म्यूचुअल फंड्स सही हैं – पिंकैथॉन: महिलाओं में वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देना

 

एएमएफआई ने महिलाओं के बीच वित्तीय जागरूकता और वित्तीय वेलबीइंग के प्रसार के लिए भारत में महिलाओं की सबसे बड़ी दौड़ ‘पिंकैथॉन’ के साथ गठजोड़ किया है। पिंकैथॉन के संस्थापक मशहूर एथलीट और फिटनेस प्रेमी मिलिंद सोमन हैं।

 

इस साझेदारी के तहत 15 शहरों में ‘पिंकैथॉन सिटी मैराथन सीरीज़’ और 52 शहरों में ‘पिंकैथॉन डे’ आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वित्तीय जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल होंगे।

 

इस पहल का लक्ष्य महिलाओं को अपने वित्तीय लक्ष्यों और निवेश के फैसलों की ज़िम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित करना और औपचारिक निवेश परितंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ना है।

 

एएमएफआईक्रिसिल फैक्ट बुक 2025-26: जानकारी और पारदर्शिता बढ़ाना

 

एएमएफआई ने एएमएफआई-क्रिसिल फैक्ट बुक 2025-26 का ताज़ातरीन संस्करण भी लॉन्च किया, जो भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग के विकास और बढ़ोतरी के बारे में डेटा-आधारित जानकारी प्रदान करता है।

यह फैक्ट बुक उद्योग को आकार देने वाले महत्वपूर्ण रुझान पेश करती है, जैसे भारतीय म्यूचुअल फंड निवेशकों का बदलता परिदृश्य, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, एसआईपी का विस्तार और अलग-अलग इलाकों में म्यूचुअल फंड की बढ़ती पहुंच। यह भारत के पूंजी बाज़ार में परिवारों की भागीदारी में उद्योग की बढ़ती भूमिका के बारे में साझा संदर्भ बिंदु प्रदान करती है।

यह फैक्ट बुक क्रिसिल की वैश्विक क्षमता केंद्र की अध्यक्ष, सुश्री प्रीति अरोड़ा की मौजूदगी में जारी की गई।