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सन्तों का संग करने से हमारे सभी भ्रम व दुखों का अंत होता हैं- संत सुरेन्द्रपाल कमला

बाड़मेर। शहर के जैसलमेर रोड़ स्थित नेहरू युवा केंद्र के पास संत निरंकारी सत्संग भवन में भव्य निरंकारी सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग भवन के मीडिया प्रभारी हितेश तंवर ने बताया कि साप्ताहिक निरंकारी सत्संग का आयोजन पूना के महात्मा सुरेन्दपाल कमला की अध्यक्षता में हुआ। इस विशाल निरंकारी सत्संग में सिरोही के संयोजक राजेन्द्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे उन्होंने भक्ति से भरे विचारों के माध्यम से सतगुरु से आशीवार्द प्राप्त किया।

सत्संग में पंजाबी गीतकार विक्की दिलदार भी उपस्थित रहे। विक्की दिलदार ने निरंकारी भजन रुह गद-गद हो गयी हैं दात्या दर्शन करके तेरे, तालिया बजाओ सन्तों तालिया, ढोल बाजे ढोल बाजे ढोल गुरु दर बाजे ढोल, लागे दात्या अपने नाम वाली मेहंदी, दमादम मस्त कलेंडर, सतगुरु के दरबार में मोझा ही मोझा, अजी खुशिया दे खेड़े तेरे करके, ऐसे कई भजन गाकर सतगुरु से आशीर्वाद प्राप्त करके सभी भक्तों को भक्तिरस से सरोबार किया। पंजाबी गीतकार द्वारा गाये सभी भजनों पर निरंकारी श्रदालु झूम-झूम कर नाचे तथा अपनी खुशी प्रकट कर सन्त सुरेन्द्रपाल कमला का स्वागत किया।

विशाल निरंकारी सत्संग में बाड़मेर के स्थानीय श्रद्धालु सहित कवास, बायतु, रामसर, धोरीमन्ना, भीलों का पार, उत्तरलाई, तथा निरंकारी सेवादल भी उपस्थित रहें। सत्संग के समय में महात्मा सुरेन्द्रपाल कमला ने प्रवचनों में फऱमाया कि, सत्गुरु सर्व शक्तियों का दाता होता हैं। रूहानियत वाला यह समय सरलता से नहीं मिलता हैं। यह समय ईश्वर की कृप्या से ही प्राप्त होता हैं। प्रभु की रहमते भाग्यशालियों को मिलती हैं। सत्गुरु हर रूह को सुकून प्रदान करता हैं। सत्गुरु पर विश्वास करने वाला ही इस भक्ति रंग में रंग पाता हैं। सतगुरु कृप्या करके ब्रह्मज्ञान प्रदान करते हैं। प्रभु पर भरोसा करें यही हमारी लाज रखता हैं। तू ही निरंकार, मैं तेरी शरण हाँ, मैनु बक्श लो यही सिमरण करने से प्रभु की कृप्या हमारे ऊपर सदैव बनी रहती हैं।

सत्संग में जिनका मन जुड़ जाता हैं, वह स्वयं आनंदित होकर सभी को सत्संग में आने की प्रेरणा देता हैं। सत्गुरु के पावन वचनों पर जीवन जीना भक्त का कर्म बन जाता हैं। सन्तों की संगति से भ्रमो, दुखों का अंत हो जाता हैं। गुरुशिख अपना सर्वस्व अर्पित करते हैं। सच्चा गुरूसिख वही हैं जो गुरु की हर बात मानता हैं। अगर हम भ्रमों का संग करेंगें तो भ्रमों में ही रह जाएंगे। आज यह निरंकारी मिशन भी यही सिखाता हैं ‘ब्रह्म की प्राप्ति, भ्रमो की समाप्ति’। तंवर ने बताया कि, सोमवार को प्रात:9 से 11 बजे तक संत सुरेन्दपाल की अध्यक्षता में धोरीमन्ना में निरंकारी सत्संग का आयोजन, शहर के निरंकारी भवन में मंगलवार को सांय 4 से 7 बजे तक मानवता दिवस तथा शुक्रवार को सांय 6 बजे टाउनशिप कॉलोनी में स्थित नवनिर्मित निरंकारी भवन का उद्गाटन का भी आयोजन किया जाएगा। साप्ताहिक निरंकारी सत्संग ने स्थानीय संयोजक शांतिलाल व शिक्षक सेवादल विनोद कुमार भी उपस्थित रहे।

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