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सुजानदेसर गांव में बही शब्दों की सरिता

सुजानदेसर/बीकानेर। बाबा रामदेव डाली बाई भंडारा सेवा समिति की तरफ से आयोजित कवि-सम्मेलन के मुख्य अतिथि राम झरोखा कैलाश धाम के महां मंडलेश्वर श्री श्री 108 महा त्यागी सरजूदास महाराज ने कहा शब्द ब्रह्म होता है। शब्दों की साधना करना बेहद कठिन कार्य है जो इसका गणित समझ लेता है वह भव सागर से पार हो जाता है।

अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष मंगतूराम गहलोत ने बताया कि गत दस वर्षों से संस्था सभी के सहयोग से बाबा रामदेव मेले के अवसर पर भंडारा आयोजित करती है इस बार साहित्यिक आयोजन के तहत कवि-सम्मेलन रखा गया जिसमें पूरा गांव सुनने को उमड पडा, इसे सफल बनाया अत मैं कविजनों का आभारी हूं जिन्होंने एक से बढ़कर एक गीत-गजल और कवितायेँ सुनाकर कार्यक्रम को नई पहचान दिलाई। विशिष्ठ अतिथि रोजगार मार्गदर्शक डॉ.अजय जोशी ने कहा कि साहित्य एक ऐसी समदरसी विधा है जो आपसी मेल-मुलाक़ात और भाईचारे को बढ़ावा देती है।

बाबे की आरती के बाद कवि सम्मेलन की शुरुआत मनीषा आर्य सोनी ने सरस्वती वन्दना से की। कैलाश टोक, डॉ.कृष्णा आचार्य, मीनाक्षी स्वर्णकार, राजाराम स्वर्णकार, लीलाधर सोनी, नेमचंद गहलोत और संजय आचार्य “वरुण” ने एक से बढ़कर एक बढिय़ा गीतों, गजलों की प्रस्तुति देकर मेले के माहौल को साहित्यिक बना दिया।

कार्यक्रम का संचालन बाबूलाल छंगाणी ने किया। संस्था की तरफ से बाबा रामदेव के भजन लिखने वाले गीतकार पन्नालाल बारुपाल “प्रेमी” का सम्मान किया गया। आभार गोपजी वर्मा ने ज्ञापित किया।

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