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शिक्षित होते हुए भी कुछ लोगों में बुद्धिमत्ता की कमी : सीडीएस जनरल रावत

OmExpress News / New Delhi / सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने सशस्त्र बलों द्वारा किए गए फ्लाईपास्ट की आलोचना का जवाब देते हुए गुरूवार को कहा है कि कुछ लोग ऐसे हैं जो अशिक्षित हैं, लेकिन उनमें बुद्धिमत्ता है, लेकिन कुछ अन्य लोग ऐसे भी हैं जो शिक्षित हैं, लेकिन व्यवहार करते हैं जैसे कि उनके पास ज्ञान और बुद्धिमत्ता की कमी है। CDS General Bipin Rawat

सीडीएस ने कोरोना योद्धाओं को सम्मान में हवाई जहाज से की गई पुष्प वर्षा पर टिप्पणी देते हुए आगे कहा, हालांकि प्रत्येक व्यक्ति को टिप्पणी करने का अधिकार है, लेकिन फ्लाईपास्ट इवेंट कोरोना योद्धाओं को सर्मपित था, जो लगातार कोरोनावायरस संक्रमितों के इलाज में सेवारत हैं।

उन्होंने कहा कि चूंकि प्रेरणा सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण का एक अनिवार्य पहलू है इसलिए कोरोना योद्धाओं को प्रेरित करना महत्वपूर्ण है इसलिए पुष्प वर्षा की योजना तैयार की गई थी। एक मीडिया चैनल को इसी मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सीडीएस ने कहा कि जो लोग आलोजना कर रहे हैं, वो देश की भावना को समझ नहीं रहे हैं और अगर कोई इसको फिजूलखर्ची बोलता है तो उसकी बुद्धिहीनता को दर्शाता है।

ऐसे आया था कोरोना योद्धाओं पर पुष्पवर्षा का ख्याल आया

इसी दौरान उन्होंने फ्लाईपास्ट इवेंट के विचार चर्चा करते हुए बताया कि तीनों सेना के प्रमुख एक साथ मिले तब यह ख्याल आया। हमें लगा हम अपने योद्धाओं का सम्मान करें, उनका हौसला और मनोबल को बढ़ाएं। क्योंकि उनको मोटिवेट करने हम अपने जवानों का मनोबल भी ऐसे ही बढ़ाते हैं।

रविवार 3 मई की सुबह पुलिस मेमोरियलों पर पुष्पावर्षा से शुरू हुआ इवेंट

सबसे पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने ही बताया था कि रविवार 3 अप्रैल को तीनों सेनाएं कोरोना योद्धाओं को कई तरीकों से धन्यवाद देगी और यह नजारा रविवार को पूरे देश में देखा गया जब धन्यवाद श्रृंखला में दिल्ली और अन्य शहरों में रविवार की सुबह पुलिस मेमोरियलों पर पुष्पांजलि करने के साथ फ्लाईपास्ट इवेंट शुरू की गई।

वायुसेना और नौसेना के हेलिकॉप्टरों ने अस्पतालों पर पुष्प वर्षा किए

वायुसेना और नौसेना के हेलिकॉप्टरों द्वारा देश के चारों छोर पर स्थित अस्पतालों के ऊपर आसमान से फूलों की वर्षा की थी। इसके अलावा सैन्य बैंड विभिन्न सरकारी अस्पतालों के बाहर ‘देशभक्ति धुन’ बजाकर डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का हौसला बढ़ाया था।

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