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महापौर चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है. महापौर की 16 सीटों में से 14 परिणाम भाजपा के पक्ष में रहे, जबकि अलीगढ़ और मेरठ सीटें बसपा के खाते में गयी.

महापौर चुनाव में सपा व कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला. इन चुनाव में जहां भाजपा की आंधी चली, तो बसपा को जीत की संजीवनी भी मिली. वहीं आम आदमी पार्टी ने भी कुछ वार्ड में जीत हासिल कर यूपी की राजनीति में दस्तक दी है. इस चुनाव को राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए अग्निपरीक्षा माना जा रहा था. राजधानी लखनऊ को पहली बार महिला महापौर मिली हैं. यहां भाजपा प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की मीरा वर्धन को 1, 31, 356 मतों से पराजित किया. पहली बार नगर निगम बने अयोध्या व मथुरा-वृंदावन के साथ ही फिरोजाबाद व सहारनपुर में भी भाजपा के मेयर प्रत्याशी चुनाव जीते हैं.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रणनीतिक कुशलता को दिया है. विश्वास जताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा शत प्रतिशत परिणाम पाने के लिए अग्रसर होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चुनाव परिणामों से सरकार में जवाबदेही का बोध बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि यह चुनाव सबकी आंखों को खोलने वाला है, जो लोग गुजरात के संदर्भ में बात कर रहे थे, उनका खाता भी नहीं खुला है. दिल्ली की सत्ता में विराजमान आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय राजनीति में अपना खाता खोल लिया है. बिजनौर की सहसपुर नगर पंचायत से आप उम्मीदवार ने बाजी मारी है.

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