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गंदे पानी और मच्छरों से सुजानदेसरवासियों की जिंदगी बनी नरक

मिलन गहलोत ने दिया कलक्टर को ज्ञापन, किराड़ू ने दी आंदोलन की चेतावनी

बीकानेर। सुजानदेसर के आसपास गंदे पानी की पांच झीलें बनी हुई हैं जिसके कारण क्षेत्रवासियों का जीना मुश्किल हो रखा है। उक्त समस्या के निवारण हेतु भागीरथ नंदिनी संस्था के पदाधिकारियों द्वारा जिला कलक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया।

संस्था के अध्यक्ष मिलन गहलोत ने बताया कि छोटा राणीसर, श्रीरामसर, सुजानदेसर, गंगाशहर, भीनासर, चौपड़ा बाड़ी, खेतेश्वर बस्ती तथा गोपेश्वर बस्ती तक के लोगों की हालत बहुत खराब है। शाम के समय असंख्य मच्छर पैदा होते हैं जिसके कारण मलेरिया एवं डेंगू जैसी बीमारी फैलने की पूरी संभावना है। गंदे पानी की बदबू व मच्छरों से क्षेत्रवासी बहुत परेशान रहते हैं। गहलोत ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि इस संदर्भ में महारैली सत्याग्रह करके प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है। प्रदेश कांग्रेस के सचिव राजकुमार किराड़ू ने कहा कि समय रहते कार्यवाही नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

ऐसे बचा जा सकता है

जनवरी के प्रथम चरण में सुजानदेसर में 6200 बीघा गोचर भूमि है। इन गंदे पानी की झीलों का उपयोग लिया जाए तो सुजानदेसर गोचर भूमि के अंदर बड़ी मात्रा में पेड़ व हरी घास उगाई जा सकती है जिसमें आवारा एवं बेसहारा गोवंश के खाने में काम आ सकती है। इसको लेकर कई बार प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है। शाम के समय में फोगिंग करवाई जाए जिससे मच्छरों का माहौल शाम को रहता है सुबह का नहीं और इन गंदे पानी कि झीलों में बड़ी मात्रा में केरोसिन डाला जाए ताकि यहां पर मच्छर पैदा ही ना हो।

यह रहे उपस्थित- पार्षद आनंद सिंह सोढ़ा, वासुदेव सोलंकी, मनोज सेवग, प्रेमरतन जोशी, एजाज पठान, मनोज किराडू, आदिल भाई, कमल सेवग, नवीन विश्नोई, रोबिन बिस्सा, गोपाल ओझा, राजेश किराडू, भंवर खान, रामचंद्र ओझा, योगेश किराडू, आसिफ अहमद तथा विराट राजस्थानी एवं कई अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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