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जरूरी है लिंग संवेदना के प्रति चेतना : डॉ. के.के. गुप्ता

बीकनेर। महाविद्यालय परिसर मं जाईकोन टेक्नोलोजी और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यालयशाला का विषय कार्यस्थल पर यौन उत्पनीडऩ रहा। प्रताप सभागार में आयोजित उद्घाटन सत्र का आरम्भ मां सरस्वती की छवी पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया इस अवसर पर अपने स्वागत उद्भोदन में प्राचार्य. डॉ. सतीश कौशिक ने कहा कि महाविद्यालय समाज में जागृति लाने के प्रमुख केन्द्र है इसी क्रम में आज का आयोजन कार्य स्थल पर होने वाली यौन उत्पीडऩ संबंधी समस्या को केन्द्र में रखकर किया जा रहा है इस कार्यक्रम के माध्यम से हम अपने युवाओं और संकाय सदस्यों को इस संवेदनशील समस्या के प्रति और अधिक सक्षम बनाने के प्रयास करेंगे।

सहायक निदेशक कॉलेज शिक्षा डॉ. दिग्विजय सिंह जी ने अपने उद्भोधन में कहा कि भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति में सदेव ही महिलाओं का सम्मान करने की सुदीर्ग परम्परा रही है हमारा समाज महिलाओं का मुख्य धारा में लाने के लिए सदैव ही प्रयत्नशील समाज रहा है।

यौन उत्पीडऩ जैसी समस्या महिलाओं के विकास को बाधित करती है हमे इसे शीघ्र ही दूर करने की भगीरथी प्रयत्न करने होंगे जाईकोन की प्रतिनिधि रोशि जामवाल ने कहा कि हमारा समाज एक आधुनिक समाज है हमे माननीय उच्चतम न्यायालय की ओर से जारी विशाखा मार्ग दर्शिका को ध्यान में रखकर आगामी विकास की दिशा को तय करना होगा। इस अवसर पर कॉलेज शिक्षा के संयुक्त निदेशक डॉ. के.के. गुप्ता ने कहा कि शिक्षित समाज का यह विशेष दायित्व बनता है कि वह समाज में सामाजिक वातावरण को उन्नत बनाने में अपनी महत्ती भूमिका का निर्वहन करें। उन्होनें कहा कि महाविद्यालय के आन्तरिक समिति में एक बाहरी सामाजिक कार्यकर्ता का होना अत्यन्त आवश्यक है साथ ही जगह जगह पर विशाखा मार्ग दर्शिका के प्रचार प्रसार की व्यवस्था भी सुनिश्चित् कि जानी आवश्यक है। महाविद्यालय के आंतरिक शिकायत समिति की प्रभारी डॉ. मीरा श्रीवास्तव ने कहा कि यह आयोजन छात्राओं और समाज के विभिन्न वर्गों में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता जागृत करने के साथ साथ सजगता, सक्षमता और सर्तकता को उत्प्रेरित करेगी एवं आगुन्तुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


इसी आयोजन का दूसरा सत्र महाविद्यालय परिसर के युवा विकास केन्द्र में सम्पन्न हुआ । इसमें जाईकोन के प्रतिनिधि एवं संस्था के समस्त संकाय सदस्यों के साथ एक विस्तृत संवाद हुआ जाईकोन की टीम ने माननीय उच्चतम न्यायालय की और से जारी विशाखा मार्ग दर्शिका की विस्तृत जानकारी, प्रावधान एवं आवश्यक निर्देशों के बारे में विस्तार से बताया।(PB)

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