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30 से 65 साल के प्रत्येक व्यक्ति की होगी कैंसर-शुगर की स्क्रीनिंग

बीकानेर। कैंसर, शुगर, स्ट्रोक, रक्तचाप जैसी गैर संचारी बीमारियाँ पूरे विश्व सहित भारत में तेजी से पाँव पसार रही हैं। कभी छूत से फैलने वाली बीमारियों से अधिक मौतें होती थी लेकिन वैश्विक स्तर पर आज एनसीडी यानिकी नॉन कम्युनिकेबल डिजीज का खतरा बढ़ रहा हैं। इसलिए जरूरी है कि समय रहते इन रोगों की पहचान की जाए। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा मिशन मोड पर स्क्रीनिंग की जा रही है। अतिरिक्त निदेशक एनसीडी डॉ. आर. पी. शर्मा ने स्वास्थ्य भवन सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा करते हुए 30 से 65 आयु के प्रत्येक व्यक्ति की इन रोगों के लिए स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक की सह अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त निदेशक फ्लोरोसिस ने पानी में फ्लोराइड की अधिकाधिक जाँच करवाने और फ्लोरोसिस के लिए सतत स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त निदेशक ने स्वाइन फ्लू व अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम, दिव्यांगजन शिविर, बायोमेडिकल कचरा निस्तारण सहित जिले में चल रहे समस्त वर्टीकल कार्यक्रमों की प्रगति समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक डॉ. एच.एस. बराड़ ने तय समय में स्क्रीनिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए क्योकि लगभग 37 प्रतिशत जनसँख्या की स्क्रीनिंग होनी है। राज्य को जारी बजट को भी यूनिवर्सल स्क्रीनिंग के लक्ष्यों से जोड़ा गया है। सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चैधरी ने जानकारी दी कि युनिवेर्सल स्क्रीनिंग कार्यक्रम के तहत पूरे जिले में स्क्रीनिंग शिविर लगाए जा रहे हैं। हर माह प्रथम बुधवार कैंसर अर्ली डिटेक्शन शिविर में कैंसर सहित समस्त एनसीडी के लिए जांच की जा रही है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र में लग रहे आउटरीच शिविरों में भी एनसीडी स्क्रीनिंग का कार्य जारी है।


बैठक में उपनिदेशक डॉ. संदीप अग्रवाल, डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ. अनिल वर्मा, डिप्टी परिवार कल्याण डॉ. राधेश्याम वर्मा, समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त सीएचसी प्रभारी, जिला अस्पताल से डॉ. सीएस थानवी, एपिडेमियोलोजिस्ट नीलम प्रताप सिंह, एनसीडी कार्यक्रम समन्वयक इन्द्रजीत सिंह ढाका, वित्त सलाहकार पुनीत रंगा, गिरधर गोपाल किराडू, अमित व्यास व महेंद्र कुमार सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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