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खेलों से होता है शारीरिक और बौद्धिक विकास : रांका

बीकानेर। जीवन में खेलों का महत्व शारीरिक रूप से तो है साथ ही बौद्धिक विकास के लिए भी खेल की अहम् भूमिका रहती है। कबड्डी जैसे पारम्परिक खेलों के आयोजन आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि बनाए हुए हैं इसलिए अधिक से अधिक खिलाड़ी तैयार करके राष्ट्र का नाम ऊंचा रखने का प्रयास किया जाए। यह बात नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका ने रविवार को 65वीं जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता के समापन समारोह कही।
समापन समारोह में आयोजकों का आभार जताते हुए न्यास अध्यक्ष रांका ने विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की तथा निर्णायकों का सम्मान भी किया। कबड्डी कोच व प्रतियोगिता आयोजक डॉ. आर.के. सांगवा ने बताया कि कि आठ दिसम्बर को प्रारंभ हुई रिडमलसर पुरोहितान में बालक-बालिका सीनियर वर्ग की इस कबड्डी प्रतियोगिता का रविवार को समापन समारोहपूर्वक किया गया। डॉ. सांगवा ने बताया कि बॉयज कैटेगरी में सादुल स्पोर्ट्स स्कूल विजेता तथा उपविजेता हाडला भाटियान स्कूल रही। गल्र्स में केसरदेसर जाटान तथा उपविजेता हाडला भाटियान रही।
जिला कबड्डी संगम के अध्यक्ष कृष्ण कुमार व्यास ने बताया कि इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डूंगर कॉलेज, महेश मूंड, मनोहर सिंह भाटी, पूर्व जिलापरिषद सदस्य रामलक्ष्मण गोदारा, नानूराम सांगवा, मघराज सांगवा, गणपत चाहर, मनोज मारु, दशरथ स्वामी, श्रवण नायक, गोधूराम जाम, मामराज मंगलाव, गोपीराम नैण, भीखाराम सांगवा, सीताराम भाम्भू, बेगाराम गोदारा, सीताराम गोदाराम सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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