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सगती री पूजा करो मांगो हो वरदान, बेटी क्यों ना पूज ल्यो आंगन में भगवान

प्रसार भारती आकाशवाणी के जयपुर केंद्र तथा राजस्थानी भाषा, साहित्य, कला एवम संस्कृति के लिए सतत प्रयत्नशील आखर के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पश्च संध्या पर होटल राजपूताना शेरेटन में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। राजस्थानी भाषा के इस कवयित्री सम्मेलन में राज्य भर से आईं 12 लेखिकाओं ने रचना पाठ किया।


ढाई घण्टे चले इस गरिमामय सम्मेलन मेंआकाशवाणी दूरदर्शन व विभिन्न चैनलों के माध्यम से लगातार सक्रिय बीकानेर की राजस्थानी साहित्यकार कवयित्री मोनिका गौड़ ने अपनी स्त्री विमर्श की रचना द्रौपदी व हारी नही है स्त्री री हूंस कविता से श्रोताओं की चेतना को जागृत किया वही बेटी के प्रश्न के दोहों पर अपनी सशक्त प्रस्तुति से सुनने वालों को विगलित भी किया।

इस अवसर पर सीकर से डॉ शारदा कृष्ण,डॉ कृष्णा जाखड़, साधना जोशी,डॉ अनुश्री राठौड़, कविता किरण, अभिलाषा पारीक, इंदिरा सिंह,डॉ गीता सामौर ने भी शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन सरोज देवल ने किया। अतिथियों का स्वागत आखर के प्रमोद शर्मा ने व धन्यवाद आकाशवाणी की चित्रा पुरोहित जी ने ज्ञापित किया। जयपुर के सम्मानित गुणी जन व विद्वान नंद भारद्वाज, फारूख अफरीदी, सावित्री चौधरी सतीश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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