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डॉ. मेघना शर्मा ने उठाई वैवाहिक बलात्कार के खिलाफ आवाज़


दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज द्वारा “लैंगिक संवेदन, समानता और महिला सशक्तिकरण : निरंतरता एवं परिवर्तन ” विषय पर आयोजित एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में बीकानेर एमजीएसयू के सेंटर फॉर वूमन स्टडीज़ की डायरेक्टर डॉ मेघना शर्मा ने “करैंट सीनेरियो ऑफ मैरिटल रेप एण्ड नीड फॉर स्ट्रांग लेजिसलेशन” पर प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि भारतीय दंड संहिता सेक्शन 375 में संशोधन की आवश्यकता है व भारत में वैवाहिक बलात्कार के लिए कडे कानून बनाए जाने की सख्त जरूरत है । डॉ मेघना ने अपने उद्बोधन में ऑस्ट्रिया, कनाडा, फ्रांस, डेनमार्क आदि देशों का उदाहरण देते हुए भारत में भी विवाहिताओं के इस पहलू को कानून के दायरे में लाने की महती आवश्यकता पर बल दिया।
उदघाटन समारोह में मुख्य वक्ता अमरीका की मेगन के स्टैक ने कहा कि महिलाओं से खुद अपनी लडाई लडने को तत्पर होने का आह्वान किया। पूर्व स्वास्थ एवं शिक्षा मंत्री लक्ष्मीबाई कॉलेज, नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ किरण वालिया ने कहा कि महिलाओं की स्थिति में परिवर्तन आया है किंतु अभी मंजिल दूर है। पश्चिम की जीवनशैली का भारतीय पुरूष अनुसरण करना चाहता है किंतु दहेज न लेने के सवाल पर चुप्पी साध जाता है।


पेरू गणतंत्र के राजदूत जॉर्ज जुअन कैस्टेनेडा मेंडेज़, प्रो. सतीश राय ने भी अपने विचार मंच से रखे।
सेमिनार निदेशक डॉ. चयनिका उनियाल पंडा ने बताया कि आयोजन में सात सत्रों में विद्वानों ने अपने विचार रखे जिनमें अफगानिस्तान, भूटान, जर्मनी जैसे कई राष्ट्रों के साथ साथ देशभर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्य व प्रतिभागी शामिल हुए। मंच संचालन डॉ. आमना मिजऱ्ा ने किया।

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