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Kulbhata the Haunted Village : जैसलमेर से 18 किलोमीटर दूर आत्माओं का एक गाँव कुलभाटा

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OmExpress  / इसे कुलधर (कुलभाटा) के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान के जैसलमेर ज़िले में स्थित यह गांव श्रापित है। इसे आत्माओं का गांव भी कहते हैं। गांव का निर्माण लगभग 13वीं शताब्दी में पालीवाल ब्राह्मणों ने किया था। लेकिन पानी की आपूर्ति कम हो जाने के कारण पूरा गांव नष्ट हो गया। Kulbhata the Haunted Village

कुछ किवदंतियों के अनुसार इस गांव का विनाश जैसलमेर राज्य के मंत्री सालम सिंह के उत्पीड़न के कारण हुआ था। सभी ग्रामवासी रातों रात गांव छोड़कर चले गए साथ ही श्राप भी देकर गए। इस कारण यह श्रापित भी कहलाता है। इस गांव के बारे में यू ट्यूब और गुगल पर काफी कुछ पढ़ने और सुनने को है। इसलिए मन में अनेक तरह की जिज्ञासाएं और शंकाएं थी। एक अनजान भय सा था। चटख धूप और उमस के कारण सिर से पैर तक पसीने से भीग चुका था।

गांव के बारे में एक शिलालेख पर उकेरे शब्दों को पढ़ ही रहा था कि अचानक एक वृद्ध् महिला सामने आ गई। मैं चौंक गया। तुरंत ही संभला। बातचीत से पता चला कि वह पास ही के गांव की थी और दिन में यहीं पर रहती थी। पर्यटकों से कुछ पैसे मिल जाते, जिससे घर का गुजारा चलाती है। चेहरे की सलवटें बता रही थी कि उम्र करीब 70 के आस-पास होगी। Kulbhata the Haunted Village

हमने गांव के विषय में बात करनी चाही तो वह तैयार नहीं हुई। हमने कुछ पैसे दिए। फिर जिज्ञासावश पूछना शुरू किया। महिला बहुत की धीमी आवाज में एक ही बात बार-बार दोहराती…सरपंच की बेटी पर सालम सिंह की बुरी नजर थी। बेटी को बचाने के लिए रातों रात पूरा गांव खाली हो गया। कुछ रुक कर बोली…अब यहां आत्माएं भटकती हैं। इतना कहकर वह वापस शिलालेख के पीछे जाकर छाया में बैठ गई।

उसकी बातों को सुनकर हमारे चेहरे के भाव भी बदलने लगे थे। लेकिन वहां बाइक दौड़ा रहे कुछ युवकों को देखा तो तसल्ली मिली। छतरी के नीचे सुस्ता रहे एक व्यक्ति के पास पहुंचे तो पता चला कि वह वहां का चौकीदार है। हमने पूछा, क्या रात को ही यहीं रहते हो? चौकीदार बोला…हां। हमने एक-दूसरे की तरफ अचरज भरी नजरों से देखा। फिर सवाल किया…आत्माओं वाली बात में कितनी सच्चाई है। क्या वास्तव में ऐसा है। क्या तुम्हें डर नहीं लगता। Kulbhata the Haunted Village

इनते सवाल एक साथ सुन वह बोला…मुझे किसी आत्मा से डर नहीं लगता। ना मुझे कभी कोई आत्मा दिखी। इतना सुनने के बाद हम भी पूरी तरह आश्वस्त हो गए। लेकिन उसने एक अजीब सी बात बताई कि यहां का पत्थर भी उठाकर कोई ले जाता है तो पागल हो जाता है। इसलिए यहां की कोई वस्तु बाहर नहीं जाती। यह भी कहा कि ऐसा पहले हो चुका है। हालांकि इस बात की पुष्टी करने का कोई जरिया नहीं था। इसलिए उसकी बात पर भरोसा करना मजबूरी था।

सदियों पुरानी बैलगाड़ी भी देखी, जिसके लकड़ी के पहिए क्षतिग्रस्त हो चुके थे। लेकिन खासबात देखने को मिली कि लकड़ी की उस बैलगाड़ी पर कहीं भी दीमक नहीं लगी थी। प्राचीन मंदिर देखा, जिसमें भगवान की प्रतिमा नहीं थी। बताते हैं कि गांव वाले भगवान की मूर्ति भी अपने साथ ले गए। सरकार ने अब इसे पर्यटन स्थल बना दिया है। जैसमलेर आने वाले सैकड़ों पर्यटक इस गांव में भी आते हैं।

क्या है किवदंती…एक विकसित गांव रातोंराज वीरान हो जाता है। क्या वहज रही होगी। कहते हैं इसकी वजह था अय्याश दीवान सालम सिंह। जिसकी गंदी नज़र गांव कि एक खूबसूरत लड़की पर पड़ गयी थी। दीवान उस लड़की के पीछे इस कदर पागल था कि किसी तरह से उसे पा लेना चाहता था। उसने इसके लिए ब्राह्मणों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। Kulbhata the Haunted Village

हद तो तब हो गई कि जब दीवान ने लड़की के घर संदेश भिजवाया कि यदि अगले पूर्णमासी तक उसे लड़की नहीं मिली तो वह गांव पर हमला करके लड़की को उठा ले जाएगा। गांव वालों के लिए यह मुश्किल की घड़ी थी। उन्हें या तो गांव बचाना था या फिर अपनी बेटी। इस विषय पर निर्णय लेने के लिए सभी 84 गांव वाले एक मंदिर पर इकट्ठा हो गए और पंचायतों ने फैसला किया कि कुछ भी हो जाए अपनी लड़की उस दीवान को नहीं देंगे।

फिर क्या था, गांव वालों ने गांव खाली करने का निर्णय कर लिया और रातोंरात सभी गांव वाले आंखों से ओझल हो गए। जाते-जाते उन्होंने श्राप दिया कि इन घरों में कभी कोई नहीं बस पाएगा। आज भी वहां की हालत वैसी ही है जैसी उस रात थी जब लोग इसे छोड़ कर गए थे। ( फेसबुक की एक पोस्ट से )

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