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गाय में 33 कोटि देवी-देवता : कुलरिया

बीकानेर। गौसेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। गाय में 33 कोटि देवी-देवता होते हैं। गाय के दूध में स्वर्ण तत्व होता है जो शक्ति बढ़ाता है। जो गाय की सेवा करता है वह वैष्णव होता है। गाय की सेवा करने से सीधा-सीधा आप भगवान की सेवा कर रहे हैं। यह बात गौसेवी पदमाराम कुलरिया ने गोपष्टमी पर बीकानेर की नंदन गौशाला में उपस्थितजनों के समक्ष कही। सहयोगी सदस्य कुनाल जांगिड़ ने बताया कि गौसेवी पदमाराम कुलरिया ने केलावा गांव में गौशाला का शुभारम्भ भी किया। मुरलीधर महाराज इस गौशाला की संचालन कर रहे हैं।

6 लाख 51 हजार रुपए तथा अन्य गौशालाओं में 5 गाड़ी हरे चारे की वितरित

जांगिड़ ने बताया कि कुलरिया ने गोपाष्टमी के अवसर पर पूरे दिन गौसेवा में व्यतीत किया। जैतारण स्थित हनुमान गौशाला में 6 लाख 51 हजार रुपए तथा अन्य आसपास की गौशालाओं में 5 गाड़ी हरे चारे की वितरित की गई। इस अवसर पर भगवानाराम सुथार, दामोदर सुथार, दीपक सैन, जगदीश सुथार, रामेश्वर सुथार, राजू सुथार, हनुमान सुथार, देवाराम सुथार, जीवाराम सुथार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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