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भारत अकेले शांति के रास्ते पर नहीं चल सकता : मोदी

नई दिल्ली । राजधानी में आयोजित दूसरे रायसीना डायलॉग का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद, अपने पड़ोसी पाकिस्तान के बिगड़ते संबंध और वैश्विक चुनौतियों को बड़ी बारीकी से रखा। पाकिस्तान के रिश्तों पर जमीं बर्फ के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम तो लाहौर तक गए थे। लेकिन, शांति की राह पर भारत अकेले नहीं चल सकता है। इसलिए अगर पाकिस्तान बातचीत करना चाहता है तो उसे आंतकवाद का रास्ता छोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि हमारा इस बात में प्रबल विश्वास है कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं हो सकता है। आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं हो सकता है। इसलिए, यह वैश्विक स्तर पर चर्चा का मुद्दा बनना चाहिए। मोदी ने आगे कहा कि हमारी ये चाहत है कि पड़ोसी मजबूत हो। इसके लिए आवश्यकता इस बात की है कि आपसी संपर्क को और मजबूत किया जाए और पूरे क्षेत्र को एक साथ लाया जाए।
पिछले साल मार्च में ‘रायसीना डायलॉग’ के सफल आयोजन के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ओआरएफ) के साथ मिलकर इस सम्मेलन के दूसरे संस्करण का आयोजन किया है। इस डायलॉग का थीम है ‘दि न्यू नॉर्मल: मल्टीलेटरलिज्म विद मल्टी-पोलैरिटी’।
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