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ओरण-गोचर पशुधन एवं ग्राम्य जीवन के प्राण- बोहरा

बाड़मेर। जिला मुख्यालय से लगभग 18 कि.मी. दूर स्थित राणीगांव में वर्ष 2002 में हुए ऐतिहासिक ओरण बचाओ आन्दोलन की चिरस्मृति में राणीगांव फांटा पर बलदेवपुरी के सानिध्य एवं ओरण बचाओ आन्दोलन, बाड़मेर के जिला संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश बोहरा के नेतृत्व में ओरण दिवस मनाया गया।

कार्यक्रम में ओरण बचाओ आन्दोलन, बाड़मेर के जिला संयोजक मुकेश बोहरा ने कहा कि ओरण-गोचर सदियों से हमारे पशुधन एवं ग्राम्य जीवन की आन, बान, शान और प्राण रहे है। उन्होंनें कहा कि हमें पुन: सामूहिक प्रयास करते हुए जिले भर में ओरण-गोचर संरक्षण की मुहिम चलानी चाहिये ताकि आने वाली पीढिय़ों व प्राणियों को बेहतर पर्यावरण व समृद्ध भविष्य मिल सके।

ओरण बचाओ आन्दोलन, बाड़मेर से जुड़े बाबुलाल वादी ने बताया कि ओरण बचाओ आन्दोलन की 16वीं वर्षगांठ पर धर्मपुरी की ओरण में ओरण बचाओ आन्दोलन से जुउ़े कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने ओरण की पूजा-अर्चना की और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तथा ओरण में स्थित वृक्षों को रक्षासूत्र बांध ओरण-गोचर संरक्षण का संकल्प लिया।

ओरण बचाओ आन्दोलन से जुड़े महावीर जैन ने बताया कि ओरण बचाओ आन्दोलन की 16वीं वर्षगांठ पर धर्मपूरी की ओरण राणीगांव में आरेण-गोचर पूजन के दौरान कूम्पसिंह, छुगसिंह, रवि मालू, कैलाश मेघवाल, पवन भंसाली, जितेन्द्र भंसाली सहित कई युवा, पशुपालक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।               मुकेश बोहरा- 8104123345

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