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सम्बन्ध परमात्मा से बनाए – पं. जयप्रकाश

बीकानेर। महायोगी अवधूत संत श्री श्री 1008 श्री पूर्णानन्द जी महाराज की 52वीं पुण्यतिथि पर मुरली मनोहर मैदान पर चल रही बाबा रामदेव जी की संगीतमय कथा के छ:ठे दिन आज बाबा रामदेव जी के विवाह एवं दलजी भाटी के पुत्रों का प्रसंग पर विस्तार हुआ।

कथा प्रवक्ता पं. जयप्रकाश जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति को परमात्मा से सम्बन्ध एवं जगत से अनुबन्ध बनाना चाहिए। उन्होंने कहां कि जो रिश्ता परमात्मा से होता है वह कभी छुटता नहीं है वह स्थाई सम्बन्ध हो जाता है और जो आपसी रिश्ते होते है वे बनते व बिगड़ते रहते है तो वे अनुबन्ध होते हैं। भगवान से जो सम्बन्ध बनता है वह जन्म-जन्मान्तर का होता है।

उस रिश्ते को ठाकुर जी पूर्ण तरह से निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बहन सुगना की एक पुकार पर बाबा रामसा पीर को आना पड़ा। वही नानी बाई की पुकार पर सावरियां सेठ को आना पड़ा। यह परमात्मा का सम्बन्ध है। अत: सम्बन्ध बनाने है तो परमात्मा से बनाओं। इससे पूर्व आज प्रात: पूर्णश्वर महादेव का रूद्राभिषेक एवं 11 कुण्डीय यज्ञ में यजमानों ने आहुतियाँ दी।

आज ऋषिकेश से स्वामी अखंडानन्द जी महाराज भी पधारे उन्होंने भी प्रवचन किया। यज्ञाचार्य पं. अशोक कुमार ओझा द्वारा प्रकाशित पंचाग कथा प्रवक्ता पं. जयप्रकाश जी महाराज को भेंट किया गया। आज रात्रि को आरती के बाद होने वाले मुख्य जागरण में जोधपुर के प्रसिद्ध गायक कलाकार गजेन्द्र राव एण्ड पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

कल 11 कुण्डीय यज्ञ व बाबा रामदेव जी कथा की पूर्णाहुति होगी व भण्डारे का आयोजन होगा।

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