Site icon OmExpress

शहरभर में दिखी जन्माष्टमी की धूम, जगह जगह सजी झांकियां

बीकानेर। शहर के विभिन्न मंदिरों और घरों में कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया गया। मंदिरों में विशेष सजावट करने के साथ-साथ कई स्थानों पर कृष्ण झांकी भी आकर्षण का के न्द्र रही। विभिन्न गली-मोहल्लों में जन्माष्टमी की झांकियां सजाई गई। वहीं नगर के वैष्णव म ंदिरों में भी जन्माष्टमी पर विशेष मनोरथ हुआ। दम्माणी चौक स्थित बड़ा गोपालजी मंदिर, समीप के छोटा गोपालजी मंदिर, दाऊजी मंदिर, गिरीराजजी मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, तुलसी कुटीर सहित विभिन्न मंदिरों में कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। मरुनायक मंदिर में स्वर्ण आभूषणों से ठाकुरजी का शृंगार किया गया। इसके अलावा रांगड़ी चौक, गंगाशहर, सुजानदेसर सहित विभिन्न क्षेत्रों में जन्माष्टमी को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

शोभायात्रा एवं झांकियां
आदर्श विद्या मन्दिर गंगाशहर संकुल द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शोभायात्रा व झांकियों का कार्यक्रम रखा गया। शोभायात्रा का प्रारम्भ प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष शुभकरण चौपडा, व्यवस्थापक अमोलखराम ज्याणी व बोथरा कॉलेज के संचालक शान्तिलाल बोथरा ने भारत माता पूजन कर किया। शोभायाात्रा में विद्यालय के विद्यार्थियों ने बडे उत्साह के साथ भाग लिया व कुल 17 झांकियां बनाई गई। विद्यार्थियों ने भगवान कृष्ण की जीवन लीला संबंधित अनेक दृश्य प्रस्तुत किये। विद्यालय के घोषदल के साथ विद्यार्थियों ने उद्घोष करते हुए पद स ंचलन किया। शोभायात्रा बोथरा जैन कॉलेज से प्रारम्भ होकर पाबूचौक, चौरडिया चौक, मुख्य बाजार गंगाशहर, अमरपुरा बास,रामराज्य चौक भीनासर से होते हुए मुरली मनोहर मन्दिर पहुँची जहाँ पर समाजसेवी मनोज पुगलिया द्वारा सभी का पुष्प वर्षा से स्वागत कर उत्साहवर्धन हेतु फलाहार वितरण किया। नगर के विभिन्न स्थानों पर गणमान्य लोगो ने पुष्प वर्षा करते हुए शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर आदर्श शिक्षण संस्थान के जिला संस्कार प्रमुख श्रीरामसुखलाल कुम्हार ने सभी का आभार व्यक्त किया।


कुछ नया करने की ललक हो तो काम सफल हो ही जाता है । नए जुनून के साथ सुश्री प्रगति सांड ने भी मन में विचार किया श्री कृष्ण भगवान की झांकी स्वचालित खिलोनो से सजाने का और सफल हुई । पवनपुरी स्थित “बाल पुष्प” वाटिका में 20-10 फुट के कमरे में प्रगति ने स्वचालित रिमोट ट्रेन, सडक पार करती ट्रेन हेतु स्वचालित बेरियर । पुल से गुजरते वाहन , गौ शाला और गायों के चारे हेतु स्वचालित कट्टर मशीन, ग्रामीण परिवेश, जेल- जहां आज श्रीकृष्ण का जन्म होना है । बडे शहरों की बहुमंजिल इमारतें और जगमग करती स्ट्रीट लाईटें । धन्य है प्रगति की प्रगति । सच में आश्चर्य होता है।(PB)

Exit mobile version