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आध्यात्मिक व सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान रहा है स्व. सामसुखा का : रांका

स्व. इन्द्रचन्द सामसुखा की स्मृति सभा आयोजित

बीकानेर। पारिवारिक जिम्मेवारियों के साथ-साथ सामाजिक व आध्यात्मिक क्षेत्र में अहम् भागीदारी निभाना हर किसी के वश की बात नहीं है, ऐसी ही विशेषताओं से परिपूर्ण थे स्व. इन्द्रचन्द सामसुखा। यह उद्गार शनिवार को तेरापंथ भवन में आयोजित स्व. सामसुखा की स्मृति सभा में नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका ने रखे। पारिवारिक सदस्य पवन महनोत ने बताया कि न्यास अध्यक्ष रांका ने आचार्यश्री महाश्रमण जी द्वारा भेजे गए संदेश का वाचन किया साथ ही पारिवारिक सदस्य माणकचन्द सामसुखा, ममता रांका व खुश्बू भंसाली ने साध्वीप्रमुखा कनकप्रभाश्रीजी, साध्वीश्री जिनरेखाजी एवं साध्वीश्री जिनबालाजी के संदेश का वाचन किया। कीर्ति सामसुखा ने स्व. सामसुखा का जीवन परिचय देते हुए बताया कि वे सभी उम्रवर्ग के सदस्यों की सलाह का सम्मान करते थे और हर परिस्थिति में परिवार के सभी सदस्यों को एकजुटता की राह पर चलने की बात कहते थे। उपासक राजेन्द्र सेठिया एवं सूर्यप्रकाश सामसुखा ने कहा कि बेले, तेले व अठई जैसी अनेक तपस्याएं स्व. सामसुखा ने करके परिवार के सदस्यों को अध्यात्म के मार्ग दिखाए।

श्रद्धा-सुमन अर्पित किए- बहुश्रुत परिषद के सम्मानीय सदस्य मुनिश्री राजकरणजी स्वामी ने बताया कि स्व. सामसुखा ने हर परिस्थिति में धर्म और न्याय की बात की तथा परिवार को एक डोर में, एक साथ रख कर समाज के समक्ष मिसाल कायम की। स्मृति सभा का संचालन करते हुए मुनिश्री गिरिश कुमार ने बताया कि हाल ही में मुनिश्री राजकरण स्वामी के दीक्षा की हीरक जयंती का आयोजन स्व. इन्द्रचन्द सामसुखा ने किया था, जिसमें उनकी धर्म के प्रति आस्था देखते ही बन रही थी। मुनिश्री ने बताया कि स्मृति सभा में शासनश्री मुनिश्री मुनिव्रत जी, मुनिश्री श्रेयांसकुमार जी, मुनिश्री शांति कुमार जी, मुनिश्री विमलबिहारी जी, मुनिश्री विनीत कुमार जी, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा के मंत्री अमरचन्द सोनी, आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के मंत्री जतन दूगड़, हंसराज डागा, तेरापंथ महिला मंडल की मंत्री संजू लालानी, गणेश बोथरा सहित समाज के अनेक गणमान्यजनों ने स्व. सामसुखा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

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