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कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन देश में अभी तक नहीं : स्वास्थ्य मंत्रालय

Lav Agarwal

OmExpress News / New Delhi / केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया है कि देश में अभी तक देश में कोरोना वायरस कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्टेज में नहीं पहुंचा है। ऐसे में इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन हम सभी को सतर्क रहने की बहुत जरूरत है। No Community Transfer

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया है कि गुरुवार को कोरोना के 16 हजार टेस्ट किए गए। इनमें से 320 लोगों में ही संक्रमण मिला है। यानी 2 फीसदी ही संक्रमित निकले। इन सैंपल के आधार पर हम सकते हैं कि देश में संक्रमण दर अधिक नहीं है।

पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 591 मामले

शुक्रवार को स्‍वास्‍थ्‍य, वि‍देश और गृह मंत्रालय की संयुक्‍त प्रेस कांफ्रेंस हुई है। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि कोरोना वायरस मरीजों की संख्या देश में 6412 हो गई है। देश में इस वायरस से 199 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 591 मामले सामने आए हैं और और 33 लोगों की मौत हुई है। अभी तक 503 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है।

गृह मंत्रालय के लॉकडाउन पर निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्‍त सचिव पुण्‍य सलिला श्रीवास्‍तव ने बताया है कि अप्रैल में कई त्योहार हैं। ऐसे में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लॉकडाउन को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय ने आज राज्य सरकारों को पत्र लिखकर इसके बारे में निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा अधिकारियों के साथ भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं की सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की है। उन्होंने आदेश दिया कि बॉर्डर पर सतर्कता और भी बढ़ा दी जाए खासकर उन क्षेत्रों में जहां फेंसिंग नहीं है, कोई भी क्रॉस बॉर्डर मूवमेंट नहीं होने दिया जाए। No Community Transfer

हाइड्रोक्लोरोक्वाइन दवा कई देश मांग रहे

विदेश मंत्रालय के एएस और समन्वयक (Covid19) दम्‍मू रवि ने कहा कि हाइड्रो क्लोरोक्वाइन दवा भेजने के लिए एक नहीं कई देश लगातार दरख्वास्त कर रहे हैं। इसको दूसरे देशों को भेजने का फैसला इसकी हमें अपने लिए जरूरत और इसके स्टॉक के आधार पर हो रहा है। मंत्रियों के समूह ने हाल ही में कुछ दवाओं के निर्यात का फैसला किया था।

उन्होंने विदेशों से भारतीयों को निकालने को लेकर बताया कि हमारे दूतावास विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं। इसके लिए हमने कोविड कंट्रोल रूम बनाया है। लोगों से बात हो रही है। सरकार ने अब तक 20,473 नागरिकों को निकाला है।

जो दवाएं निर्यात की गईं हैं वह सरप्लस स्टॉक है : लव अग्रवाल

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि दवा के निर्यात का निर्णय काफी मूल्यांकन के बाद लिया गया। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने निर्यात उद्देश्यों के लिए कुछ अधिशेष दवा स्टॉक जारी करने का निर्णय लिया, लेकिन यह सुनिश्चित करने के बाद कि घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त है। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वाइन की मांग के पहले से ही कई अनुरोध आए हुए हैं। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने घरेलू स्टॉक और मांग के आलावा जरूरी बफर रखने के बाद निर्यात का फैसला लिया है। जो दवाएं निर्यात की गईं हैं वह सरप्लस स्टॉक है।

हमारे पास 3.28 करोड़ से अधिक मौजूद है

लव अग्रवाल ने बताया कि, आने वाले सप्ताह में हमें घरेलू उपयोग के लिए एक करोड़ एचसीक्यू टैबलेट की आवश्यकता होगी। हमारे पास 3.28 करोड़ से अधिक मौजूद है। यह पूरे महीने की आवश्यकता को पूरा करेगी। अग्रवाल ने लोगों से फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ दुर्व्यवहार नहीं करने का भी अनुरोध किया। उनकी टिप्पणी देश के कुछ हिस्सों में इस तरह की घटनाओं के घटित होने के बाद आई है।

दुनिया के करीब 30 देशों ने भारत से इस दवा की मांग की है

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन दवा कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कोई दवा नहीं है लेकिन हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन को इस वायरस से लड़ने में कारगर माना जा रहा है। इस दवा का मुख्य तौर पर इस्तेमाल मलेरिया के उपचार के लिए किया जाता है। इसके अलावा आर्थराइटिस के उपचार के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। No Community Transfer

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा उत्पादन करने वाले देशों में से एक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका सहित दुनिया के करीब 30 देशों ने भारत से इस दवा की मांग की है।

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