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संत बनने के लिए अपना जीवन दुसरो के लिए समर्पित करना पड़ता है: नरेन्द्रगिरीजी

गौसेवी पदमाराम कुलरिया को संत की उपाधी से नवाजा

नोखा। गौ सेवी संत पदमाराम कुलरिया की ढाणी पदम पैलेस में पिछले आठ दिनों से चल रही श्री राम कथा में शनिवार को श्रद्धालुओं की अपार भीड़ रही। कथा में दूर दराज से श्रद्धालुओं के आने का तांता लगा रहा। शनिवार को कथा में कथा वाचक संत श्रीमुरलीधर जी महाराज ने कहा मनुष्य जीवन में मांगना नहीं चाहिए, मांगना अच्छा नहीं है इससे मनुष्य को कंई बार अपमानित भी होना पड़ता है। उन्होने कहा अगर मांगना ही है तो भगवान से मांगो वो भी दुनिया की भोग की कोई चीज नही बल्कि भक्ति मांगनी चाहिए जिससे जीवन सफल हो जायेगा।

कथा में अखिल भारतीय अखाड़ापा के अध्यक्ष नरेन्द्रगिरी जी महाराज ने कहा संत बनाना आशान नही है संत बनने के लिए अपना जीवन दुसरो के लिए समर्पित करना पड़ता है, समाज सेवा, संतो की सेवा, गाय की सेवा के साथ धमार्थ कार्यो में जीवन को समर्पित करना पड़ता है। उन्होने कहा संत पदमाराम जी कुलरिया इसलिए संत बने है कि वो समाज सेवा के साथ साथ गायों की सेवा में अपना जीवन सर्मपण कर दिया है। इस अवसर पर नरेन्द्र गिरी जी महाराज ने कुंभ मेले में अधिकाधिक सख्यां में श्रद्धालुओं को आने की अपील की। इस अवसर पर संवित कैलाशचंद्र जोशी ने कहा कि संत पदमाराम कुलरिया की ढाणी में श्रीराम कथा सुनने श्रद्धालुओं के उमड़े सैलाब को देखकर लगता है कि यहां कुभं का ही मेला भर गया है।

उन्होने कहा भारतीय संस्कृति में दो पर पराऐं एक ऋषि पर परा है जिसमें श्री राम का जन्म हुआ था और दुसरी है कृषि पर परा जिसमें माता सीता का जन्म हुआ था। उन्होने कहा ऐसा लगता है कि यह दोनो पर परायें कुलरिया परिवार के पदम पैलेस में लग रही है। कथा स्थल पर सुजानगढ के गुलरधाम से पधारे संत कानपुरी जी महाराज ने कहा गायों की सेवा करने से सभी सुखो की प्राप्ति होती है। उन्होने कहा गाय की सेवा के साथ धार्मिक व सामाजिक कार्यो में समय लगाना चाहिए। उन्होने संत पदमाराम कुलरिया के संत बनने पर कहा कि उन्हे तो कभी का संत बना देना चाहिए था वो गाय सेवा के साथ पयार्वण के प्रति भी अग्रसर है। श्री बालाजी धाम के महंत बजरंग जी महाराज ने कहा कि संत पदमाराम कुलरिया के साथ पूरा सुथार समाज हमेशा सेवा भावी रहा जिसके फलस्वरूप ही गौसेवी पदमाराम कुलरिया को संत की उपाधी से नवाजा गया है। उन्होने कहा कि संत, महात्माओं व महापुरूषो की शरण में जाने से जीवन का कल्याण होता है। रामचरित मानस का किया पूजनशनिवार को श्रीरामकथा प्रार भ से पूर्व रामचरित मानस का पूजन गौसेवी पदमाराम कुलरिया, उगमाराम, देवाराम, मघाराम, कानाराम, भंवरलाल, शंकर,धर्म, सुरेश, नरेश, पुखराज, मोहनलाल, मोटाराम, मूलाराम,पुष्पा, लक्ष्मी व मुन्नी आदि के साथ कुलरिया परिवार के सदस्यों रामचरित मानस का पूजन किया। इसके अलावा अश्विनी भाई, ज्जन कुमार जांगीड़ व दुर्गाराम जांगीड़ मस्कटओमान से कथा में पंहुचे।


इन संतो का हुआ स्वागत सीलवा में श्रीराम कथा शनिवार को अखिल भारतीय अखाड़ापा के अध्यक्ष नरेन्द्रगिरी जी महाराज, संवित कैलाशचंद्र जोशी, सुजानगढ के गुलरधाम से पधारे संत कानपुरी जी, श्रीबालाजी धाम के महंत बजरंग जी महाराज के साथ उपस्थित संतो को शॉल ऑढाकर गौसेवी पदमाराम
कुलरिया, देवाराम, उगमाराम, मघाराम, भंवरलाल, कानाराम, शंकरलाल व धर्म कुलरिया ने शॉल ओढाकर कर स्वागत किया। इसके अलावा भजन गायक प्रकाश माली व दूर दराज से आए गणमान्यो का स्वागत व स मान किया गया।(PB)

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