

– विधायक राजकुमार गौड़ की अनुशंसा पर अब एचएच वितरिकाओं का पुनरूद्धार कार्य शुरू, बजट राशि हुई स्वीकृत
श्रीगंगानगर। शहर से लेकर गांवों तक में सड़कों के विकास कार्यों के बाद अब विधायक श्री राजकुमार गौड़ ने किसानों की पीड़ा को उठाते हुए राज्य सरकार के समक्ष एचएच वितरिका के पुनरूद्धार कराने की अनुशंषा की, जिस पर अब राज्य सरकार ने तुरंत सुनवाई करते हुए विधायक राजकुमार गौड़ की अनुशंसा पर एचएच वितरिका का पुनरूद्धार कार्य शुरू करने के आदेश दे दिये है। इसी के साथ बजट की राशि भी स्वीकृति कर दी है।
विधायक श्री राजकुमार गौड़ ने बताया कि राजस्थान जल क्षेत्र आजिविका सुधार परियोजना में एच.एच वितरिका के पुनरूद्धार के कार्य के लिये अनुशंसा के साथ विस्तृत परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत किये गये थे। जिस पर इस मामले पर तुरंत कार्यवाही अमल में लाते हुए राज्य सरकार द्वारा इस कार्य के लिये राशि रूपये 11.14 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी स्वीकृति अधीन 10.93 किमी. लम्बी प्रणाली में 47270 वर्गमीटर लाईनिंग का निर्माण, 4 पुलों का निर्माण, 15 मोघों का दुरूस्तीकरण, 8 घाट का निर्माण, 2 फुट ब्रिज तथा 2 जल उपयोक्ता संगमों के भवन का निर्माण किया जायेगा। परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया हैं एवं निर्माण कार्यों पर राशि रूपये 6.00 करोड़ रूपये व्यय होना अनुमानित है।




उन्होंने बताया कि जहां-जहां के कार्य के लिये बजट राशि स्वीकृत की गई, वहां के किसान सामने खड़े होकर अपने-अपने क्षेत्र की नहरों का पुनरूद्धार कार्य करवाये, जिससे बेहतर गुणवत्तापूर्ण क्वालिटी के साथ नहरों का पुनरूद्धार हो। गुणवत्तापूर्ण कार्य होने से सरकार द्वारा दिये गये बजट राशि का सही उपयोग होगा तो वहीं विकास कार्य लम्बे समय तक चलेगा। जिससे किसानों को लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि शहर से लेकर गांव तक विकास कार्यों की कोई कमी नहीं आने दूंगा, क्योंकि प्रदेश की गहलोत सरकार बहुत संवेदनशील है जो विकास कार्यों को कराने में विश्वास रखती है। इसलिये श्रीगंगानगर के गावों से लेकर ढ़ाणी-ढ़ाणी तक ओर दूर अंतिम छोर तक बैठे ग्रामीणों की ढ़ाणियों में भी विकास कोई कमी नहीं आयेगी। उन्होंने कहा कि शहर के साथ-साथ गांवों में गुणवत्तापूर्ण कार्यों हो जो काफी सालों तक बेहतर गुणवत्ता के साथ चलें, इसलिये गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य कराना ही मेरा पहला लक्ष्य ओर कर्तव्य है।


2 एचएच प्रथम, 2 एचएच द्वितीय, 3 एचएच, 4 एचएच, 5 एचएच प्रथम, 5 एचएच द्वितीय, 6 एचएच, 7 एचएच प्रथम, 7 एचएच द्वितीय, 8 एचएच, 9 एचएच, 10 एचएच, 11 एचएच, 12 एचएच, 13 एचएच सहित अनेक विकास कार्यों के लिये स्वीकृति मिल गई हैं तथा राशि भी स्वीकृत हो गई है।
