बाड़मेर ,24 अप्रेल । हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 26 अप्रैल को ओरण दिवस के रूप में मनाया जायेगा । जिला मुख्यालय से लगभग 20 कि.मी. दूर स्थित राणीगांव में वर्ष 2002 में हुए ऐतिहासिक ओरण बचाओ आन्दोलन की चिरस्मृति में प्रतिवर्ष 26 अप्रैल को ओरण दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
ओरण बचाओ आन्दोलन, बाड़मेर के जिला संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश बोहरा अमन ने बताया कि आज से ठीक 18 वर्ष पूर्व राणीगांव में चैहटन रोड़ फांटा पर विस्तृत भू भाग में फैली धर्मपूरी जी महाराज की ओरण को भूमाफियों एवं स्वार्थी तत्वों के चुंगल से बड़ी जदोजहद के बाद मुक्त करवाई गई थी । जिसकी स्मृति में प्रतिवर्ष 26 अप्रैल को जिले भर में ओरण-गोचर संरक्षण एवं संवर्द्धन को लेकर ओरण दिवस का आयोजन किया जाता है । अमन ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं ओरण-गोचर संरक्षण से जुड़ कार्यकर्ता अपने-अपने स्थानों पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य करेंगें ।
बाबूलाल वादी ने बताया कि ओरण बचाओ आन्दोलन की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर 26 अप्रैल को धर्मपूरी की ओरण राणीगांव में पूजा अर्चना की जाएगी तथा ओरण में स्थित वृक्षों को रक्षासूत्र बांध ओरण-गोचर संरक्षण का संकल्प लिया जायेगा । इस दौरान कोरोना वायरस के चलते प्रशासन के दिशा-निर्देशों की पालना में मुहं पर मास्क लगाने एवं सोशियल डिस्टेन्स का विशेष ध्यान रखा जायेगा ।