बीकानेर ,। बीकानेर प्रगति मंच के संयोजक एवं कांग्रेस के पूर्व नेता कौशल दुग्‍गड़ का बड़ा बयान

सामने आया है। दुग्‍गड़ ने कहा कि दोहरे चरित्र के नेता विकास के काम नहीं करा सकते। इसलिए आमजन को ऐसे नेताओं से बचना चाहिए जो महज चुनाव के मौके पर ही नजर आते हैं।

दुग्‍गड़ ने पार्टियों के स्‍थानीय नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में जो नेता पार्टी के टिकटों पर चुनाव लड़े थे वे दुबारा जनता के सामने ही नहीं आए। अब जबकि, अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं तो इन नेताओं को सड़क, पट्टों सहित आमजन की अन्‍य समस्‍याएं याद आ रही हैं। बीकानेर में संभाग का सबसे बड़ा पीबीएम अस्‍पताल है, यहां प्रतिदिन बड़ी संख्‍या में मरीज आते हैं, लेकिन अव्‍यवस्‍थाओं के चलते उन्‍हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, लेकिन अस्‍पताल के हालात खराब ही रहते हैं।

दुग्‍गड़ ने कहा कि कोरोना संकटकाल में आमजन को राहत देने के लिए अनेक संस्‍थाएं सामने आई, लेकिन कथित जनप्रतिनिधि दुबके हुए बैठे रहे। कई महलों से बाहर ही नहीं निकले। इसी तरह हाल में गौवंश पर लम्‍पी रोग का कहर टूट रहा है। इस दौर में भी समाज की स्‍वयंसेवी संस्‍थाएं ही सेवा के लिए आगे आई हैं।

दुग्‍गड़ ने कहा कि बीते चालीस साल में राजनीतिक शून्‍यता के चलते बीकानेर विकास के लिहाज अन्‍य संभागों से बुरी तरह पिछड़ गया है। जनता को चाहिए कि वे ऐसे नेताओं से बच कर रहें जो चुनाव के बाद उनके बीच नजर ही नहीं आते।

दुग्‍गड़ ने अगला विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि मेरा मकसद केवल चुनाव लड़ना नहीं है। मैं समाज की संस्‍थाओं के माध्‍यम से सामाजिक सरोकार से जुड़ा रहता हूं इससे सुकून मिलता है। जहां तक चुनाव लड़ने की बात है तो वह जनता तय करेगी।

कांग्रेस पार्टी छोड़ने के सवाल पर दुग्‍गड़ ने कहा कि उन्‍होंने पिछले देशनोक नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस पार्टी छोड़कर प्रगति मंच का गठन कर चुनाव लड़ा था। क्‍योंकि हम स्‍वच्‍छ राजनीति में विश्‍वास करते हैं। कई नेता स्‍थानीय स्‍तर पर अपना मंच बनाकर राजनीति करते हैं और विधानसभा चुनाव आने पर पार्टियों का दामन पकड़कर अपना उल्‍लू सीधा कर लेते हैं। ऐसे लोगों से आमजन को अब बचने की जरूरत है।