जयपुर, ( ओम एक्सप्रेस )।क़व्वाली की दुनिया के नामवर क़व्वाल उस्ताद सईद साबरी का भी आज यहां उनके निवास स्थान घाट गेट पर इंतेक़ाल हो गया।
मालूम हो के अभी कुछ दिनों पहले ही उनके बड़े बेटे और पार्टी के रूहे -रवां फ़रीद साबरी का भी इंतेक़ाल हो गया था।

‘देर ना होजाए कही देर न होजाए’ उनकी कव्वाली ने देश में धूम मचाई थी। लता मंगेशकर सहित कई कलाकारों के साथ जुगलबंदी की थी। उस्ताद सईद साबरी ने क़रीब 50 साल से भी ज़्यादा अरसे तक क़व्वाली से दुनियां भर में नाम कमाया।
ध्रुवपद के डागर घराने से भी आपने संगीत की तालीम ली । आपने बॉलीवुड में भी अपना नाम कमाया। आपको भारत सरकार के संगीत नाटक अकादमी के अवार्ड से भी राष्ट्पति द्वारा सम्मानित किया गया था। क़व्वाली के असली रंग से दुनिया को रूबरू करवाने वाले सईद साबरी के जाने से इस कमी को पूरा किया जाना बहुत मुश्किल होगा। उनके जाने से कई कलाकारों और कव्वालों ने इज़हारे ग़म किया है।