जयपुर,(दिनेश शर्मा अधिकारी”)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार इस वर्ष की” प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत “ का आयोजन 12 मार्च को राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर एवं जयपुर पीठ् सहित प्रदेश के सभी न्यायालयों, अधिकरणों, प्राधिकरणों आदि में ऑफलाईन- ऑनलाइन दोनों ही माध्यम से किया जा रहा है। प्राधिकरण के सदस्य सचिव न्यायधीश दिनेश गुप्ता ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में लंबित धारा 138 एनआईएक्ट, धन वसूली, एमएसीटी, बिजली, पानी एवं अन्य बिलो के भुगतान से संबंधित विवाद, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोडकर), भूमि अधिग्रहण विवाद, मजदूरी भत्ते, पेंशन भत्ते, राजस्व मामले, दीवानी वाद, प्रथम एवं द्वितीय अपील, दीवानी अवमानना, रिविजन, रिट याचिकाएं, आपराधिक विविध प्रकरण, फैमिली पेंशन, स्थानान्तरण, सेवानिवृति लाभो से संबंधित, निलंबन (सेवा संबंधित), सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा पुर्नभरण संबंधित, सम्बंधित प्रकरण, धारा 9, 11, 12 एवं 24 हिन्दु विवाह अधिनियम से संबंधित विवाद, धारा 125 ब्त्च्ब्, घरेलू हिंसा से संबंधित तथा किराया नियंत्रण से संबंधित मामले सहित राजीनामा योग्य दीवानी एवं फौजदारी प्रकरणों को लोक अदालत में रखे जाएंगे। प्री-लिटिगेषन के भी प्रकरण उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे जा सकते है। उक्त प्रकरणों में प्री-काउंसलिंग 07 फरवरी से निरन्तर जारी की जा रही है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सभी पक्षगण, अधिवक्तागण से आव्हान है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन से पूर्व प्री-काउंसलिंग युद्ध स्तर पर सफलतापूर्वक चल रही है इसमें अपने प्रकरणों को रखवाए एवं राजीनामा के माध्यम से अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण करवाए। लोक अदालत में निस्तारित प्रकरणों में न्यायालय फीस पक्षकारों को वापिस प्राप्त हो जाती है।