– वारदात में शामिल 4 आरोपी गिरफ्तार

-जमीनी विवाद के कारण हत्यारों ने वारदात को दिया था अंजाम

– हत्यारोपियों ने बर्खास्त पुलिस कर्मी वीरेन्द्र का पहले गला घोंटा, फिर गाड़ी के पहिए तले कुचल कर की थी हत्या

– अपहरण मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 7 पुलिस कर्मियों को निलम्बित

– अदालत ने हत्यारोपियों को भेजा 3 दिन के पुलिस रिमांड पर

-हत्याकांड में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु की जा रही है निरंतर छापेमारी

ओम एक्सप्रेस-अनूप कुमार सैनी

रोहतक । गत दिनों अदालत रोहतक से बर्खास्त पुलिस कर्मी विरेन्द्र का अपहरण कर हत्या की वारदात को रोहतक पुलिस ने हल करते हुए वारदात में शामिल रहे 4 हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों ने जमीनी विवाद के कारण वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों को आज पेश अदालत किया गया है। अदालत के आदेश पर हत्यारोपियों को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अपहरण मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 7 पुलिस कर्मियों को भी निलम्बित कर दिया गया है।

उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) गोरखपाल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि गत 24 जुलाई को रोहतक अदालत से बर्खास्त पुलिस कर्मी विरेन्द्र का अपहरण किया गया था। जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस को मिली तो एसपी राहुल शर्मा ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन किया और अगवा हुए पुलिस कर्मी व आरोपियों की तलाश शुरू करवा दी।

डीएसपी ने बताया कि जीन्द बाईपास चौक से हिसार बाईपास चौक पर जाने वाले रोड़ पर रेलवे लाईन के पास कच्चे रास्ते पर अगवा किए गए पुलिस कर्मी की लाश बरामद हुई थी। मृतक की पहचान विरेन्द्र पुत्र दिलबाग निवासी खेड़ी महम के रूप में हुई है। विरेन्द्र के भाई नरेन्द्र निवासी गांव रामकली की शिकायत के आधार पर धारा 365/302/201/34 भा.द.स. के तहत थाना आर्यनगर में अभियोग संख्या 269/2020 अंकित किया गया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विरेन्द्र हरियाणा पुलिस में नौकरी करता था। विरेन्द्र को पुलिस विभाग से बर्खास्त किया हुआ है। विरेन्द्र अदालत रोहतक में अपनी अग्रिम जमानत की सुनवाई पर आया हुआ था। जो समय करीब 10 बजे गाड़ी सवार करीब 6/7 व्यक्तियों ने विरेन्द्र का अदालत रोहतक से अपहरण कर लिया, जो बाद में विरेन्द्र की लाश बरामद हुई है।

पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने मामलें को गंभीरता से लेते उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) गोरखपाल राणा के मार्गदर्शन में प्रभारी अपराध शाखा प्रथम निरीक्षक प्रवीन कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। मामले को हल करने तथा आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए स.उप.नि. राजेश कुमार व स.उप.नि. रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में 2 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।

26 जुलाई को स.उप.नि. राजेश के नेतृत्व में गठित सीआईए-1 टीम ने गांव भैणी भैरों के एरिया से सुनील पुत्र सतबीर, राजकुमार उर्फ बग्गी पुत्र दुलीचन्द, धर्मबीर पुत्र सुरेश व नाथूराम उर्फ नान्हा पुत्र गोकुल निवासी खेड़ी महम को गिरफ्तार किया गया है। वारदात में शामिल रहे अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं, जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए निरंतर छापेमारी की जा रही है।

आरोपी व पीड़ित पक्ष का गांव खेड़ी महम एरिया में पड़ने वाली जमीन पर लम्बे समय से विवाद चल रहा है। जमीन के संबंध में कोर्ट में सिविल मामला दायर हुआ था, जिसमें आरोपी पक्ष की जीत हुई थी। अदालत का फैसला आने के बाद पीड़ित पक्ष द्वारा आरोपी पक्ष पर हमला किया गया था जिसमें मृतक विरेन्द्र व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। वीरेन्द्र ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई हुई थी।

गत 24 जुलाई को विरेन्द्र की जमानत अर्जी की सुनवाई होनी थी, जिसके लिए विरेन्द्र अदालत में आया हुआ था। समय करीब पौने 10 बजे आरोपी गाड़ी में सवार होकर आए तथा अदालत रोहतक से वीरेन्द्र का अपहरण कर लिया। आरोपियों ने वीरेन्द्र का परना से गला घोंट दिया। उसके बाद आरोपी वीरेन्द्र को जीन्द बाईपास चौक से हिसार बाईपास चौक की तरफ जाने वाली सड़क पर रेलवे लाईन के पास से जाने वाले कच्चे रास्ते पर ले गए। आरोपियों ने वीरेन्द्र को कच्चे रास्ते पर डालकर ऊपर से गाडी चढ़ा कर विरेन्द्र की हत्या कर दी। सभी आरोपी गाड़ी में सवार फरार हो गए।