50 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत, तीन सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्रों को मिला सम्मान

भुवनेश्वर | 02 मार्च 2026: बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी (बीजीयू) ने “टेक्नोलॉजी, फाइनेंस एवं एआई के माध्यम से आर्थिक विकास में तेजी” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, नियामकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया तथा भारत की अर्थव्यवस्था की बदलती डिजिटल संरचना पर विस्तृत चर्चा की।

यह सम्मेलन बिरला स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स द्वारा भारतीय आईआईटी भुवनेश्वर के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज एंड मैनेजमेंट और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) के सहयोग से आयोजित किया गया। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक नवाचार और उन्नत डिजिटल इकोसिस्टम के माध्यम से देश की वित्तीय व्यवस्था में हो रहे बदलाव और समावेशी एवं सतत विकास के नए आयामों पर विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन का उद्देश्य एआई आधारित तकनीकों, फिनटेक इकोसिस्टम और उन्नत डेटा एनालिटिक्स के जरिए वित्तीय ढांचे को सुदृढ़ करना, नियामक प्रणाली को मजबूत बनाना और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देना था। पूंजी बाजार, नियामक निगरानी, वित्तीय समावेशन और व्यापक आर्थिक मॉडलिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोगों पर भी चर्चा की गई। तेजी से डिजिटल हो रही अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता, साइबर सुरक्षा और प्रणालीगत स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक नीतिगत ढांचे पर भी मंथन हुआ।

कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र, उच्च स्तरीय पैनल चर्चा और कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें समीक्षित शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। “शेपिंग टुमारोज इकोनॉमी: टेक्नोलॉजी, फाइनेंस एवं एआई के माध्यम से विकास” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा विशेष आकर्षण रही, जिसमें एआई आधारित नियमन, नवाचार इकोसिस्टम और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए नीतिगत तैयारी पर विचार साझा किए गए।

सम्मेलन में सोलहवें वित्त आयोग के पूर्णकालिक सदस्य प्रो. मनोज पांडा, एनएसई के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. तीर्थंकर पटनायक, भारतीय रिजर्व बैंक के आर्थिक एवं नीति अनुसंधान विभाग के सलाहकार श्री एम. रामैया तथा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के उप महाप्रबंधक श्री जैनेंद्र शांडिल्य सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

शैक्षणिक जगत से बीजीयू के कुलसचिव डॉ. बी. के. दास, आईआईटी भुवनेश्वर के डॉ. नरेश चंद्र साहू (संयोजक), उत्कल विश्वविद्यालय की प्रो. मिताली चिनारा, बिट्स पिलानी के प्रो. अरुण कुमार गिरी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर के प्रो. संतोष तराई, ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के प्रो. सर्व नारायण मिश्रा तथा बीजीयू के स्कूल ऑफ कॉमर्स के डीन प्रो. पी. के. सान्याल भी उपस्थित रहे। पैनल चर्चा का संचालन बीजीयू के एसोसिएट प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) डॉ. अजीत कुमार दाश ने किया।

बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. कुलभूषण बलूनी ने कहा, “तकनीक, वित्त और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का संगम आर्थिक विकास की मूल संरचना को नई दिशा दे रहा है। ऐसे सम्मेलन साक्ष्य-आधारित संवाद और सहयोगात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं। इन पहलों के माध्यम से हम शोध-आधारित निष्कर्षों, जिम्मेदार नवाचार और संस्थागत साझेदारी को बढ़ावा देना चाहते हैं, ताकि मजबूत और भविष्य के लिए तैयार वित्तीय व्यवस्था का निर्माण हो सके।”

सम्मेलन को देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से व्यापक शैक्षणिक प्रतिसाद मिला। विभिन्न तकनीकी सत्रों में 50 से अधिक समीक्षित शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें एआई आधारित आर्थिक मॉडलिंग, फिनटेक नियमन, डिजिटल फाइनेंस और सतत विकास जैसे विषय शामिल रहे। तीन सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्रों को सम्मानित किया गया।

उद्योग, नियामकों और शिक्षाविदों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देते हुए इस सम्मेलन ने बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी की उस प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत वह शोध, नीति और व्यवहार के बीच सेतु का कार्य करने वाले मंच तैयार कर रहा है। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत की आर्थिक परिवर्तन यात्रा को समावेशी, सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार बनाए रखने के लिए सूचित नीतिगत निर्णय, मजबूत संस्थागत सहयोग और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता है।