: मुख्यमंत्री महोदय के निर्देंशानुसार थ्री एस लर्निग प्रोजक्ट में हरियाणा सामान्य ज्ञान को भी अध्यापकगण दे विशेष महत्व
: प्रत्येक विद्यार्थी को होना चाहिए अपने प्रदेश की गौरवशाली संस्कृति का ज्ञान
: शिक्षा के दौरान व उसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उपयोगी रहेगा यह ज्ञान
वैशाली सैनी
रोहतक, 1 मई। उप जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट ने जिले के सभी स्कूलों के अध्यापकोंं से विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ-साथ हरियाणा प्रदेश के सामान्य ज्ञान से रुबरु करवाने के लिए कहा है।

रोहतक जिले के स्कूलों को भेजे गए अपने आदेशों में उप जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट ने कहा है कि लॉकडाऊन के दौरान समय के सद्-उपयोग व विद्यार्थियों को स्कूली विषयों से अलग शिक्षा प्रदान करने के लिए तीन एस कार्यक्रम के तहत हरियाणा सामान्य ज्ञान को भी विशेष महत्व दे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देंशानुसार पहले ही विभिन्न माध्यमों से स्टे एट होम, स्कूल एड होम एवं स्टडी एट होम मंत्र के तहत रोहतक जिला प्रत्येक विद्यार्थी एजुसेट व दूसरे माध्यमों से ई-शिक्षा प्रोजक्ट में बेहत्तर कार्य कर रहा है। कक्षा चार से लेकर प्लस टू तक के विद्यार्थियों को हर रोज उनके ऑनलाईन समूहों में कुछ न कुछ ऐसी सामग्री भी प्रेषित की जाए, जिससे कि उनका अपने प्रदेश को लेकर ज्ञान वर्धन हो सके और वो अपने प्रदेश गौरवशाली इतिहास से रुबरु हो सके।
डिप्टी डीईओ की ओर से जारी आदेशों में अध्यापकों से विद्यार्थियों को हरियाणा प्रदेश की भौगोलिक संरचना, वेशभूषा, आभूषण, लोक नृत्यों, हरियाणा में मूर्तिकला, प्रमुख लोकगीत, लोक वाद्य यंत्र, हरियाणा के लोक नाट्य, प्रमुख सांगी एवं उनकी रचनाओं, प्रदेश में उपलब्ध मिट्टी के प्रकार, कृषि व पशुपालन, सिंचाई व्यवस्था, उत्पादन में जिलावार स्थिति, बागवानी, प्रमुख फल, सब्जियां, मसालों व फूलों एवं उनके उत्पादन क्षेत्रों से संबंधित जानकारियों में से उपलब्ध जानकारी विद्यार्थियों को नियमित अन्तराल में आनलाईन या ऑफलाईन उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा है कि उपरोक्त जानकारियों के अलावा प्रदेश के प्रमुख उद्योग धंधों एवं उत्पादन क्षेत्रों, प्रमुख खनिज पदार्थांे व उनके प्राप्ति स्थलों में से उपलब्ध तथ्यों की थोड़ी-थोड़ी जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।

श्रीमति फोगाट ने कहा है कि विद्यार्थियों को हरियाणा प्रदेश की वन्य सम्पदा, वन्य जीव संरक्षण, हरियाणा के राष्ट्रीय उद्यानों, प्रदेश के संरक्षण रिजर्व, प्रदेश सामुदायिक संरक्षण क्षेत्रों, प्रशासनिक व्यवस्था, कानून व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, रेलवे, मैट्रों परियोजनाओं, वायु परिवहन, नगर निकाय पंचायती राज, नगर निकायों, प्रदेश के पर्यटन स्थलों की जानकारी देना अधिक लाभप्रद्व रहेगी।
उप जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार हरियाणा के प्रमुख मेले एवं पर्व-उत्सव, खेल-खिलाड़ी, खेल पुरस्कार व सम्मान, राज्य के शिक्षण संस्थानों सहित हरियाणवीं शब्दावली से संबंधित शब्द व भाषा साहित्य से लेकर विधानसभा, लोकसभा, वर्तमान मंत्रीमण्डल, संसद में प्रदेश का प्रतिनिधित्व, हरियाणा के राज्यपाल, हरियाणा के मुख्यमंत्रियों, प्रशासनिक संरचना, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के ब्रांड अम्बेसडरों, भूकम्प प्रभावित जोनों व भूकम्प से बचाव से संबंधित उपायों से विद्यार्थियों को अवगत करवाने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा है कि अध्यापकों के इस प्रयास से विद्यार्थियों को दोहरा लाभ होगा, वो इससे न केवल अपने प्रदेश के इतिहास व वर्तमान से रुबरु होंगे बल्कि भविष्य में भी रोजगार से संबंधित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी उन्हें इसका लाभ मिलेगा।