

बीकानेर। (ओम दैया )कोरोना आपदा के चलते बीकानेर की कच्ची बस्तियों एवं झुग्गी झोंपड़ियों तक दोनों वक्त का खाना सेवार्थियों ने जाकर पहुँचाया। आपदा राहत के व्यवस्थापक डी.सी. जैन ने बताया कि धरम सज्जन ट्रस्ट की प्रेरणा सहयोग एवं सहभागिता से 01 अप्रैल, से प्रारम्भ यह सेवा 03 मई तक निरन्तर जारी रही। उन्होंने बताया कि 03 मई को सुबह लापसी एवं सायं को चावल पुलाव जरूरतमंदों को देकर सेवा पर विराम लगाया गया है। चूंकि लाॅकडाउन में अब छुट मिल गयी है।
डी.सी. जैनने बताया कि इस सेवा कार्य में अजय-विरल चैपड़ा (धरम सज्जनन ट्रस्ट) मूलचन्द-भंवरी देवी छाजेड़ परिवार, जयचन्दलाल-विमला देवी भूरा परिवार, नवरत्नमल सुराणा चैरिटेबल ट्रस्ट, बसंत नौलखा, मनोज-सारिका पारख, रामरतन कोचर परिवार, मोहन भंसाली, डाॅ. जी.सी. जैन इत्यादि ने तन, मन व धन से सहयोग किया। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि परिजन सदस्य स्वयं जाकर सेवा के कार्य को अन्जाम देते रहे।


डी.सी. जैन ने बताया कि बीकानेर के गंगाशहर स्थित रसोईघर में लगभग 60 हजार (साठ हजार ) भोजन पैकेट तैयार करके वितरित किए गए। भोजन पैकेट के अलावा आटा, साबुन, मास्क, फल, बिस्कुट, सेनेटाइजर एवं आवश्यकतानुसार गाय का शुद्ध घी भी वितरित किया गया। जैन ने बताया कि कच्ची बस्तियों एवं दूर दराज के क्षेत्रों में पानी की सप्लाई टैंकरों के माध्यम से की गई। महावीर जयन्ती, रामनवमी, आखातीज और हनुमान जयन्ती के अवसर पर विशिष्ट फूड पैकेट्स एवं थोड़ी मिठाई का भी वितरण किया गया।
गंगाशहर स्थित रसोईघर में काबिना मंत्री बी.डी. कल्ला स्वयं निरीक्षण हेतु आए और व्यवस्थाओं को देखकर गद्गद हो गए। उन्होंने गगाशहर की हरिजन बस्ती इत्यादि क्षेत्रों में भोजन पैकेट कमदम की बात कही।
डालचन्द भूरा (डी.सी. जैन) एवं गोपाल सिंह ने जिन रसोई घरों में खाना तैयार करवाया वह धरम सज्जन ट्रस्ट द्वारा निर्देशित किया गया कि वहां कार्य कर रहे कारीगर, रसोईयों और स्व-प्रेरित कार्यकर्ताओं की बराबर स्क्रीनिंग हुई हो ताकि संक्रमण से बचाव रखा जाए।


बीछवाल, करणी इंडस्ट्रियल एरिया, ऊन मंडी के बाहर, बजरंग धोरा, सुदर्शन नगर, कायम नगर, रानी बाजार इंडस्ट्रिीय एरिया, गगंगाशहर गोचर भूमि, नायकों का मोहल्ला, चैपड़ा बाड़ी, रामपुरा बस्ती, एम.पी. काॅलोनी, गांधी नगर, शिव वैली, उदासर झुग्गी झोंपड़ी, बामनवाली, जामसर इत्यादि क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान की गई।
