जयपुर।सज्जन भंवर जी ने बताया की आज के टाइम में साइबर फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं और नए तरीके के नाम जैसे फिशिंग ,हैकिंग ,साइबर पुलिंग, honey ट्रैप,पर्सनल एंड सेंसेटिव इनफॉरमेशन इनके द्वारा निकाली जाती है और उसका गलत इस्तेमाल करके हरासमेंट किया जाता है।

उनका कहना है कि पीड़ित को जितना जल्दी हो सके अपनी कंप्लेंट को बुक करना चाहिए क्योंकि स्टेट अलग अलग होता है क्रिमिनल अलग स्टेट में होता है पीड़ित अलग स्टेट में होता है और उनकी इंफॉर्मेशन को ट्रैक करने में अगर टाइम लगता है तब तक वह अपनी लोकेशन और सिम बदल लेता है और पुलिस को खासी मेहनत करनी पड़ती है और कई बार सफलता हाथ नहीं लगती है।

उन्होंने यह भी बताया कि एक लाख से ऊपर का केस स्टेट साइबर क्राइम जयपुर में दर्द होता है ।जनरल कंप्लेंट आप निकट के थाने में कर सकते हैं। और अगर ऑनलाइन कंप्लेंट करना चाहें तो नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपने नाम नंबर और एड्रेस के साथ में कंप्लेंट बुक करें।

साथ ही जब यह पूछा गया कि क्राइम होने से पहले अगर नंबर जिससे मैसेज आ रहा है उसे पहले पुलिस को दिया जाए तो क्या प्रक्रिया होती है उन्होंने कहा की इतना ही हो पाता है कि उस नंबर की kyc अपडेट करी जाती है।

बस इससे ही पता चल पाता है। और कुछ नहीं किया जा सकता।

पाकिस्तान व दुबई के तार जुड़े होने की संभावना पर उन्होंने बताया कि यह देश के लिए खतरा है क्योंकि टेररिस्ट funding या विदेशों में पैसा जा रहा है और इसके लिए लोगों से यही अनुरोध है कि वह सावधानी रखें व जागरूक रहें कि उनका पैसा कोई गलत अकाउंट में तो ट्रांसफर नहीं हो रहा

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान साइबर फ्रॉड सबसे ज्यादा बड़े हैं बेरोजगारी की समस्या व लॉकडाउन के चलते घर बैठे लोगों ने काफी इसके ऊपर महारत हासिल की और किस तरह से ऐसे फ्रॉड किए जाते हैं इसे सीखा।

कुछ साइबर सिक्योरिटी के टिप्स जो उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स के लिए दिए की don’t share your personal informations and personal activities on social media and try to avoid accepting unknown friend request also don’t share email password and OTP if asked by unknown

उन्होंने बताया कि आज का youth अनजाने में ना चाहते हुए भी गलत गतिविधियों में फंस जाता है। इसके लिए जरूरी है कि अभिभावक उन पर वॉच रखें व गाइड करें।या उनका behavior वॉच करे।

Finally she said sending some vulgar comments or messages on phone or doing online follow up of a women or searching her data and information is said to be crime under criminal law and hence punishable.

Finally in short _

mostly it’s difficult to track accused in case of cyber frauds.

तो आमजन की जागरूकता सतर्कता वह सावधानी ही बचाव है।