मंडी, 15 जून 2026: भारत के अग्रणी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी में फंडामेंटल एंड एडवांस्ड रिसर्च इन केमिस्ट्री (FARC-2026) नामक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रतिष्ठित सम्मेलन रसायन विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में समकालीन अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। सम्मेलन ने शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और उद्योग विशेषज्ञों को विचारों के आदान-प्रदान, नवाचारों की प्रस्तुति तथा उभरते रासायनिक विज्ञान क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान किया।

 

विगत वर्षों में रसायन विज्ञान अनुसंधान में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसने वैज्ञानिक उन्नति और समाज के सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए FARC-2026 में रासायनिक विज्ञान, पदार्थ विज्ञान, स्पेक्ट्रोस्कोपी, माइक्रोस्कोपी और इमेजिंग जैसे क्षेत्रों में मूलभूत एवं अनुप्रयुक्त रसायन विज्ञान के नवीनतम शोध कार्यों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों ने उन्नत रसायन विज्ञान के क्षेत्रों में ज्ञान साझा किया तथा वैज्ञानिक नवाचारों के माध्यम से मानव जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में सामूहिक योगदान दिया।

 

सम्मेलन का आयोजन आईआईटी मंडी की स्थानीय आयोजन समिति के नेतृत्व में किया गया, जिसमें प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा, प्रो. सुब्रत घोष, प्रो. चयान के. नंदी, डॉ. गरिमा अग्रवाल, डॉ. मौप्रिय दास, डॉ. नारायण सिन्हा और डॉ. अभिमन्यु धीर शामिल थे।

 

सम्मेलन के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुए FARC-2026 के अध्यक्ष प्रो. चयान के. नंदी ने कहा, “लगभग 300 प्रतिभागियों और 40 प्रतिष्ठित वक्ताओं, जिनमें 9 अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वक्ता शामिल थे, की सहभागिता के साथ इस भव्य आयोजन का सपना आज साकार हुआ है। इन सभी की उपस्थिति ने सम्मेलन को अत्यंत सफल बनाया।”

 

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में इतने बड़े सम्मेलन का आयोजन एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन पूरे उत्साह और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उन्होंने स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज के सभी संकाय सदस्यों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना यह संभव नहीं था।

 

प्रो. नंदी ने आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा तथा स्कूल ऑफ केमिकल साइंसेज के अध्यक्ष प्रो. सुब्रत घोष का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह द्विवार्षिक सम्मेलन अगली बार वर्ष 2028 में आयोजित किया जाएगा।

 

सम्मेलन के दौरान एडवांस्ड फंक्शनल मैटेरियल्स, सिंथेटिक ऑर्गेनिक केमिस्ट्री, इनऑर्गेनिक एवं ऑर्गेनोमेटैलिक केमिस्ट्री, नैनोमैटेरियल्स की सिंगल मॉलीक्यूल स्पेक्ट्रोस्कोपी, बायोमैटेरियल्स की सुपर-रिजॉल्यूशन माइक्रोस्कोपी, पॉलिमर केमिस्ट्री, ग्रीन केमिस्ट्री तथा थियोरेटिकल एवं कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

 

भारत और विदेशों से आए प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं ने अपने व्याख्यानों, तकनीकी सत्रों और वैज्ञानिक संवादों के माध्यम से सम्मेलन को समृद्ध बनाया तथा अंतर्विषयक शोध सहयोग को बढ़ावा दिया।

 

FARC-2026 में विश्वस्तरीय वैज्ञानिकों की भागीदारी रही तथा 140 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले पोस्टर प्रस्तुत किए गए। प्रमुख प्रतिभागियों में प्रो. संजीत कोनार (आईआईएसईआर भोपाल), डॉ. तोमोहिरो ओगावा (क्यूशू यूनिवर्सिटी, जापान), प्रो. स्वपन पति (जेएनसीएएसआर, बेंगलुरु), डॉ. राल्फ आइखोर्न (नॉर्डिक इंस्टीट्यूट फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स, स्वीडन), प्रो. स्टेनली बॉटचवे (STFC UKRI, यूनाइटेड किंगडम), प्रो. अनिंद्य दत्ता (निदेशक, INST मोहाली), प्रो. हितेश हांडा (यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया, अमेरिका), प्रो. सुबी जॉर्ज (जेएनसीएएसआर, बेंगलुरु), प्रो. बिजय पी. त्रिपाठी (आईआईटी दिल्ली) तथा प्रो. देबप्रतिम दास (आईआईटी गुवाहाटी) सहित अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शामिल रहे।

 

सम्मेलन का समापन युवा एवं वरिष्ठ शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा नीति-निर्माताओं के बीच सार्थक विचार-विमर्श और मंथन के साथ हुआ। वैज्ञानिक चर्चाओं के अलावा इस आयोजन ने नए शैक्षणिक संबंधों को विकसित करने तथा मौजूदा सहयोगों को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन संवादों से भविष्य में दीर्घकालिक शोध साझेदारियों और वैज्ञानिक नवाचारों के नए अवसरों के विकसित होने की उम्मीद है।