फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर द्वारा जयपुर हैंड सर्जरी एसोसिएशन (JHSA), राजस्थान ऑर्थोपेडिक सर्जन्स एसोसिएशन (ROSA) और जयपुर ऑर्थोपेडिक सोसाइटी (JOS) के सहयोग से “हैंड इंजरीज़ इन स्पोर्ट्स” विषय पर एक दिवसीय विशेष अकादमिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्यूचर एंकर तकनीक, लाइव सर्जिकल वीडियो सत्रों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से खेलों से संबंधित जटिल हाथ की चोटों के उपचार में ऑर्थोपेडिक सर्जन्स, हैंड सर्जन्स एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञों के कौशल को और अधिक विकसित करना था।
वैज्ञानिक सत्रों में स्यूचर एंकर के उपयोग के मूल सिद्धांत, बोन मॉडल पर नॉट-टाइंग का व्यावहारिक अभ्यास, जटिल एथलेटिक इंजरी के मामलों पर इंटरैक्टिव चर्चा तथा लाइव सर्जिकल वीडियो का संरचित प्रदर्शन शामिल रहा। कार्यक्रम में क्षेत्रभर से रेजिडेंट डॉक्टरों, मेडिकल कंसल्टेंट्स और हैंड सर्जरी विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की।
वर्कशॉप के प्रमुख फैकल्टी में नासिक से डॉ. अमित वराडे, मुंबई से डॉ. पराग लाड और जयपुर से डॉ. दिलीप मेहता शामिल रहे। विशेषज्ञों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए और हैंड एवं स्पोर्ट्स इंजरी सर्जरी के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण क्लिनिकल जानकारियां साझा कीं।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. पूर्णिमा पटनी, अध्यक्ष, JHSA; डॉ. नरेंद्र सैनी, सचिव; तथा डॉ. अमित कुमार व्यास, आयोजन सचिव के नेतृत्व में किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. अमित मित्तल, डॉ. विनीत अरोड़ा, डॉ. अविरल गुप्ता और डॉ. दिव्यांश शर्मा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम को ROSA के पदाधिकारियों डॉ. डी. एस. मीणा, अध्यक्ष तथा डॉ. विक्रम शर्मा, सचिव के साथ-साथ जयपुर ऑर्थोपेडिक सोसाइटी का भी सहयोग प्राप्त हुआ, जिसका प्रतिनिधित्व डॉ. आर. पी. असत, अध्यक्ष; डॉ. अशोक खंडाका, निवर्तमान अध्यक्ष तथा डॉ. अनिल गुप्ता, सचिव ने किया।
वर्कशॉप में जयपुर के चिकित्सा जगत को एक महत्वपूर्ण अकादमिक मंच प्रदान किया, जहां विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान हुआ। इस पहल से शहर में उन्नत ऑर्थोपेडिक एवं हैंड सर्जरी प्रशिक्षण की क्षमताओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के अवसर पर डॉ. अमित कुमार व्यास, आयोजन सचिव, जयपुर हैंड सर्जरी एसोसिएशन, एवं हैंड सर्जरी विशेषज्ञ, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा, “खेलों से संबंधित हाथ की चोटों के उपचार में सटीक सर्जिकल तकनीक और शरीर रचना विज्ञान की गहरी समझ बेहद महत्वपूर्ण है। छोटी-सी तकनीकी त्रुटि भी खिलाड़ी के प्रदर्शन और करियर को प्रभावित कर सकती है। आज की वर्कशॉप में प्रतिभागी सर्जन्स को बोन मॉडल पर स्यूचर एंकर तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण और लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन का अनुभव मिला, जिससे वे इन उन्नत तकनीकों को अपने क्लिनिकल प्रैक्टिस में अधिक आत्मविश्वास के साथ लागू कर सकेंगे।”
डॉ. आर. पी. असत, अध्यक्ष, जयपुर ऑर्थोपेडिक सोसाइटी, ने कहा, “इस प्रकार के कार्यक्रम हमारे शहर के सर्जिकल इकोसिस्टम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों और स्थानीय सर्जन्स को केंद्रित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए एक मंच पर लाने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि जयपुर के मरीजों को हाथ एवं स्पोर्ट्स इंजरी के उपचार में देश के अन्य प्रमुख केंद्रों के समान गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। जयपुर हैंड सर्जरी एसोसिएशन की इस महत्वपूर्ण पहल को अपना सहयोग प्रदान करते हुए हमें प्रसन्नता हुई।”
डॉ. मनीष अग्रवाल, फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर, ने कहा, “फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल चिकित्सा शिक्षा को निरंतर बढ़ावा देने और विभिन्न विशेषज्ञताओं में सर्जिकल उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्यूचर एंकर वर्कशॉप जैसे केंद्रित एवं कौशल-आधारित कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्र में क्लिनिकल क्षमताओं को विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे खेलों से संबंधित हाथ की चोटों से पीड़ित मरीजों के उपचार के परिणामों को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।”