

जयपुर।होटल मैरियट में फाइनेंस मिनिस्टर भारत सरकार श्रीमती निर्मला सीतारमण जी के साथ हुई कॉन्फ्रेंस मैं फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल द्वारा मेमोरेंडम पेश किया गया इसमें फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल द्वारा प्रश्न रखा गया की क्या सरकार ने ध्यान दिया है कि 45 दिन से अधिक क्रेडिट पीरियड वाले व्यवसायों / सेगमेंट्स को इस विधेयक से कोई नुकसान न हो, और कैसे सुनिश्चित किया जाएगा कि छोटे व्यवसायों को बड़ी कंपनियों से अधिक नुकसान न हो?
क्या सरकार को यह सोचना चाहिए कि व्यापार मेलों आदि में कोई टीसीएस नहीं होनी चाहिए, जो व्यवसायिक व्यक्तियों को राहत देगी और उनकी कार्यशीलता को बढ़ाएगी, और विदेशी निवेश बढ़ाने में मदद करेगी?
क्या भारत के सेवा क्षेत्र के साथ GST में अनुचित भेदभाव है, जो भारत के जीडीपी के सबसे बड़े योगदाता है? सेवा क्षेत्र के लिए बेसिक छूट सीमा उद्योग से कम से कम होना चाहिए?
तथा कैसे सरकार स्टार्टअप वालों को छोटे व्यवसायियों की तुलना में बेहतरीन मूल्य प्रदान कर सकती है ताकि उन्हें अधिक अवसर मिले और वे अपने ऑपरेशंस को बेहतर ढंग से चला सके क्या इसके लिए कोई नई या पुरानी योजनाएं शुरू की जा सकती हैं? OIDAR सेवाओं की परिभाषा विवाद का कारण बन रही है। इसे सरल और समझने में आसान तरीके से परिभाषित किया जाना चाहिए* *GST के तहत विक्रेता द्वारा वायबिल जारी किये जाने के बाद अगर GST नहीं जमा किया जाता है तो यह गलत है कि खरीदार से GST राशि वसूल की जाती है।*एमएसएमई उद्योगों के लिए एक क्रेडिट कार्ड जारी किया जाना चाहिए जो उद्योग से उद्योग और लाभ के आधार पर बनाया जाना चाहिए।*सरकार ने IDS 2016, पीएमकेवाईजी, विवाद से विश्वास जैसी योजनाओं के द्वारा करदातों से राजस्व एकत्र करने की मेहनत की है, फिर भी ITSC की विलय समझौतों के विपरीत है जो दीर्घ कार्यवाहिक विवादों को बढ़ावा देगा*वसूली अधिकारी या सीआईटी(ए) के सामने लंबित होने वाले निपटान अनुप्रयोग की अनुमति देनी चाहिए।*वसूली अधिकारी या सीआईटी(ए) के सामने लंबित होने वाले निपटान अनुप्रयोग की अनुमति देनी चाहिए*सेक्शन 115BBE में संशोधन टैक्सेशन लॉज (सेकंड एमेंडमेंट) एक्ट, 2016 द्वारा किया गया था, जो 1-4-2017 से प्रभावी हुआ, जिससे धारा 68, धारा 69, धारा 69ए*इस धारा के तहत लागू होने वाली दर को असामान्य रूप से बढ़ाया गया था ताकि उन अधिकारियों को नुकसान पहुंचाया जा सके जो नवंबर, 2016 में नकदी का नोट बंद होने के बाद गुप्त रूप से बड़ी मात्रा में नोट जमा कर दिए थे, जिनके अंतर्गत इन धाराओं में से कोई भी आय होती थी।
केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री की बजट पश्चात बैठक में फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष श्री चानण मल अग्रवाल फोर्टी एक्सेकूटिव मेम्बर् सी ए मनमोहन महिपाल फोर्टी वुमेन् विंग की सीनियर वाइस प्रेज़ीडेंट श्रीमति नीलम मितल, फोर्टि उपाध्यक्ष श्री योगेश बंसल, व राडा सेक्रेटरी श्री राजन सिंह जी ने भाग लिया|
