पूर्वी भारत के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी (बीजीयू) ने बिरला स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन द्वारा आयोजित कमेंसमेंट डे कार्यक्रम 2026 के माध्यम से नए विद्यार्थियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बीएजेएमसी 2026–30 एवं एमएएमसी 2026–28 कार्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का औपचारिक रूप से स्वागत किया गया, जिसने उनकी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा की शुरुआत का प्रतीकात्मक संकेत दिया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभिषेक मिश्रा, वाइस प्रेसिडेंट – एचआर, एसआरवी मीडिया, पुणे थे, जबकि रंजन सतपथी, क्रिएटिव हेड, ओडिशा टेलीविजन नेटवर्क, भुवनेश्वर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रो. कुलभूषण बलूनी, कुलपति, बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी; प्रो. (डॉ.) शिव शंकर दास, डीन, बिरला स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन; तनमय कुमार पटनायक, रजिस्ट्रार सहित संकाय सदस्य, पूर्व छात्र, कर्मचारी एवं विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।
कमेंसमेंट डे को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अभिषेक मिश्रा ने कहा, “मीडिया उद्योग तेज़ी से विकसित हो रहा है, लेकिन केवल डिग्री सफलता की गारंटी नहीं है। आपको अपनी विशिष्ट पहचान स्वयं बनानी होगी। आज भारत के दस में से नौ पेशेवर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में मशीनों से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उन्हें प्रभावी ढंग से उपयोग करना सीखें। सूचना, कंप्यूटिंग और डेटा को सार्थक एवं प्रभावशाली कहानियों में बदलने की क्षमता विकसित करें। सबसे महत्वपूर्ण बात, अपने विचारों और कार्यों में स्पष्टता तथा सत्यनिष्ठा बनाए रखें। केवल वही वादा करें जिसे आप निभा सकें और यदि किसी कार्य के लिए ‘ना’ कहें, तो उसका समाधान खोजने के लिए भी प्रतिबद्ध रहें।”
नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. कुलभूषण बलूनी ने कहा, “उद्योग के विस्तार के साथ अवसर भी बढ़ रहे हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धी माहौल में केवल शैक्षणिक डिग्री आपकी क्षमता का प्रमाण नहीं बन सकती। आपको अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों से आगे बढ़कर असाधारण पहल और नवाचार के माध्यम से अपने प्रोफ़ाइल को और सशक्त बनाना होगा।”
विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए प्रो. (डॉ.) शिव शंकर दास, डीन, बिरला स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन ने कहा, “आप ऐसे समय में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू कर रहे हैं, जब यह क्षेत्र अभूतपूर्व संभावनाओं से भरा हुआ है। फिक्की एवं ईवाई इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2028 तक भारत का मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग 3.3 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में आपके सामने असीम अवसर उपलब्ध हैं। आप भारतीय मीडिया की अगली पीढ़ी के अग्रदूत हैं और आने वाले समय में लाखों लोग आपके मार्ग का अनुसरण करेंगे।”
रजिस्ट्रार तनमय कुमार पटनायक ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “आज के तेजी से बदलते दौर में प्रभावशाली कहानी कहने की कला एक अनिवार्य कौशल बन चुकी है। बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी आपको इस कला में दक्ष बनाने के लिए आधुनिक संसाधन, उत्कृष्ट सुविधाएं और व्यापक कौशल विकास का वातावरण प्रदान करती है।”
इस अवसर पर बिरला स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन की वार्षिक पत्रिका ‘कैनवास’ (CANVAS) के तृतीय संस्करण का अतिथियों द्वारा लोकार्पण किया गया। पत्रिका के संपादकीय दल—सुश्री अनेवशा पाधी (सहायक प्राध्यापक), डॉ. मेहुल अग्रवाल (सहायक प्राध्यापक), अर्चिता भंजा (विद्यार्थी), सौरव रथ (विद्यार्थी) तथा अन्य सदस्यों—को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व एवं योगदान के लिए सराहा गया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. मेहुल अग्रवाल, सहायक प्राध्यापक, बिरला स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।