हिंदुस्तान जिंक के Q1 FY27 परिणामों के बाद नौ ब्रोकरेज हाउसों ने कंपनी पर अपनी सकारात्मक रेटिंग को बरकरार रखा या उसे अपग्रेड किया है। इन ब्रोकरेज रिपोर्टों में मजबूत आय वृद्धि, ज़िंक उत्पादन की लागत रिकॉर्ड निचले स्तर पर होना, जिंक एवं चांदी की अनुकूल कीमतें तथा स्पष्ट विस्तार योजनाओं को प्रमुख कारण बताया गया है। विभिन्न ब्रोकरेज द्वारा निर्धारित लक्ष्य मूल्य ₹659 से ₹770 के बीच हैं।

तिमाही परिणामों की घोषणा के बाद प्रमुख ब्रोकरेज संस्थानों ने हिंदुस्तान जिंक की आय संभावनाओं और लागत दक्षता पर सकारात्मक राय व्यक्त की। HSBC ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹770 का लक्ष्य मूल्य दिया और कहा कि जिंक तथा सल्फ्यूरिक एसिड की मजबूत प्राप्तियों ने कंपनी की तिमाही आय को अनुमान से बेहतर बनाया। IIFL ने ₹722 के लक्ष्य मूल्य के साथ अपनी ‘बाय’ रेटिंग दोहराई और कहा कि सह-उत्पाद (बाय-प्रोडक्ट) से मिलने वाले अधिक क्रेडिट, जारी विस्तार परियोजनाएं तथा मजबूत बैलेंस शीट कंपनी के दीर्घकालिक विकास को समर्थन देंगी। Jefferies ने ₹660 के लक्ष्य मूल्य के साथ ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों के कारण जिंक की कीमतों में मजबूती का उल्लेख किया। वहीं Nuvama ने ₹700 के लक्ष्य मूल्य के साथ ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए अनुशासित लागत प्रबंधन, कमोडिटी बाजार की अनुकूल परिस्थितियों तथा मजबूत बैलेंस शीट को प्रमुख आधार बताया।

360 ONE ने भी अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹725 का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया, जो रिपोर्ट में संदर्भित ₹532 के बाजार मूल्य की तुलना में 36.3% संभावित बढ़त दर्शाता है। ब्रोकरेज के अनुसार, वैश्विक जिंक बाजार अब डिफिसिट की स्थिति में पहुंच चुका है, जबकि हिंदुस्तान जिंक के शेयर में हालिया गिरावट के बाद उसका मूल्यांकन अधिक आकर्षक हो गया है।

Antique ने हिंदुस्तान जिंक की रेटिंग को अपग्रेड कर ‘बाय’ किया और लक्ष्य मूल्य ₹659 निर्धारित किया। ब्रोकरेज ने जिंक की कीमतों के मजबूत दृष्टिकोण, हालिया गिरावट के बाद आकर्षक वैल्यूएशन और कंपनी के मजबूत परिचालन नकदी प्रवाह को प्रमुख कारण बताया। Systematix ने ₹669 के लक्ष्य मूल्य के साथ ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी, जबकि YES Securities ने स्टॉक को अपग्रेड कर ‘बाय’ रेटिंग देते हुए ₹660 का लक्ष्य मूल्य तय किया। JM Financial ने भी ₹660 के लक्ष्य मूल्य के साथ अपनी ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी।

लगभग सभी ब्रोकरेज रिपोर्टों में हिंदुस्तान जिंक के Q1 FY27 प्रदर्शन को प्रमुख रूप से रेखांकित किया गया। कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर लगभग 109% बढ़कर ₹8,074 करोड़ हो गया, जबकि कर पश्चात लाभ (PAT) लगभग 145% बढ़कर ₹5,470 करोड़ तक पहुंच गया। रॉयल्टी को छोड़कर जिंक उत्पादन लागत घटकर रिकॉर्ड 851 अमेरिकी डॉलर प्रति टन रह गई। इसका श्रेय बेहतर खनन ग्रेड, सह-उत्पादों से अधिक प्राप्ति, नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और परिचालन दक्षता को दिया गया। कई ब्रोकरेज ने यह भी उल्लेख किया कि तिमाही लाभप्रदता में चांदी का योगदान लगभग 46% रहा।

कंपनी ने 500–600 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ग्रोथ कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) का मार्गदर्शन बरकरार रखा है। फॉस्फोरिक एसिड और हॉट एसिड लीचिंग परियोजनाओं के Q2 FY27 के दौरान चालू होने की उम्मीद है, जबकि देबारी एकीकृत जिंक स्मेल्टर और रामपुरा आगुचा टेलिंग्स री-प्रोसेसिंग सुविधा कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा हैं।

कुल मिलाकर, ब्रोकरेज रिपोर्टें इस बात की ओर संकेत करती हैं कि लागत नेतृत्व, कमोडिटी

कीमतों का अनुकूल माहौल, नेट-कैश स्थिति और नियोजित क्षमता विस्तार हिंदुस्तान जिंक के सकारात्मक दृष्टिकोण के प्रमुख आधार हैं।