जयपुर। प्रदेशभर में 15+ एजग्रुप का वैक्सीनेशन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गणगौरी बाजार स्कूल से विधिवत शुरू किया. इस मौके पर CM गहलोत ने कार्यक्रम में की बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जिस स्कूल में 500 बच्चियां होंगी वहां कॉलेज खोल दी जाएगी. गणगौरी स्कूल के लिए CM गहलोत ने कहा कि यहां तो कॉलेज बन ही गया. सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में रेवेन्यू के 20 हजार करोड़ कम हो गए, लेकिन ना तो पिछले बजट में कोई कमी की गई और ना ही आगे करेंगे. इस बार भी दिल खोलकर बजट पेश किया जाएगा.

– बूस्टर डोज़ की मांग हमने सबसे पहले की
कार्यक्रम में CM गहलोत ने कहा कि बूस्टर डोज़ की मांग हमने सबसे पहले की. अमेरिका में 12 से 17 साल के बच्चों को वैक्सीन लग रही. जर्मनी समेत 105 देशों में बच्चों का वैक्सीनेशन हो रहा. वैक्सीन के लिए 9 महीने नहीं 6 महीने का गैप होना चाहिए. वैक्सीन लगने के 6 महीने में बूस्टर डोज़ लगनी चाहिए. सभी को मिल कर कोरोना से लड़ना है,दबाव पड़ता है तो फैसले होते. हमारे दबाव पर बूस्टर डोज़ और बच्चों की वैक्सीन के फैसले हुए. अब बूस्टर डोज़ सभी को लगनी चाहिए. सभी बच्चों को वैक्सीन लगनी चाहिए. गहलोत ने प्रदेश के वैक्सीनेशन अभियान की तारीफ की. सीएम गहलोत ने कहा कि हमारा प्रयास ही है जिससे राष्ट्रीय औसत के आगे बढ़ गया है राजस्थान में वैक्सीनेशन.

– प्रदेशभर में बच्चों के वैक्सीनेशन की शुरुआत, मुख्यमंत्री गहलोत बोले, तीसरी लहर को लेकर हमारी पूरी तैयारियां*

– मुझे आज काफी प्रसन्नता
CM गहलोत ने संबोधित करते हुए कहा कि मुझे आज काफी प्रसन्नता है. 15+ एजग्रुप के वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ हो गया है.CM गहलोत ने कहा कि ओमिक्रॉन ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया. हमने कोरोना की पहली और दूसरी लहर को देखा. पहली लहर में लोगों में डर था, दूसरी लहर में हाहाकार के हालात पैदा किए. पूरे देश में हालात भयावह हो गए थे, लेकिन राजस्थान ने अनूठा उदाहरण पेश किया. कोरोना मैनेजमेंट में सरकार ने कोई कमी नही छोड़ी. ऑक्सीजन की व्यवस्था की, चार्टर प्लेन से दवाएं मंगवाई. ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके. गहलोत ने आश्वस्त किया कि राजस्थान में सब तैयारियां की जा चुकी है. अब कोई भी लहर आये, संसाधनों की कमी नही होगी.

हमने बूस्टर डोज़ की मांग उठाई:
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कोरोना वायरस ने दुनिया को हिला कर रख दिया. पहली लहर में लोगों में भय था,दूसरी लहर में हाहाकार मचा.
ऑक्सीजन को लेकर हमने दबाव बनाया. भीलवाड़ा और रामगंज मॉडल की दुनियाभर में तारीफ हुई. तीसरी लहर को लेकर हमारी तैयारियां पूरी. पहली और दूसरी लहर में जो कदम उठाए. उसी के अनुरूप केंद्र सरकार ने भी कदम उठाए. हमने बूस्टर डोज़ की मांग उठाई.