अनूप कुमार सैनी
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर बोर्ड परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नोटिस को फर्जी बताया। सीबीएसई ने कहा कि इस तरह के किसी भी नोटिस पर यकीन न करें, क्योंकि ये नोटिस फर्जी हैं और इनका सीबीएसई से कोई नाता नहीं है।
बता दें कि सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन और पास होने के मानदंड को लेकर नोटिस वायरल हो रहे थे। सीबीएसई का कहना है कि ये नोटिस विद्यार्थियों और अभिभावकों को भ्रमित करने के उद्देश्य से वायरल किए जा रहे हैं और ऐसे किसी भी नोटिस पर यकीन न करें।

सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी का कहना है कि बोर्ड ने हाल ही में अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। फिर से ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इस वक्त देश में 21 दिनों का लॉकडाऊन चल रहा है जो कि 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है। लॉकडाउन की वजह से सीबीएसई इस बात को स्पष्ट कर चुकी है कि एक से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही पास किया जाएगा। जबकि नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को उनके प्रोजेक्ट वर्क के लिए आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा।

छात्रों को लॉकडाऊन के दौरान पढ़ाई में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सीबीएसई दिशा निर्देश भी जारी कर चुकी है। सीबीएसई स्कूलों से ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा देने के निर्देश जारी कर चुकी है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
सीबीएसई इससे पहले एक बयान जारी कर विद्यार्थियों से अपील कर चुकी है कि लॉकडाउन का इस्तेमाल अपनी रचनात्मकता को बढ़ाने और पढ़ाई करने में करें। सीबीएसई ने फर्जी खबर फैलाने के मामले में लोगों से अपील की है कि वो इन खबरों पर विश्वास न करें।

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