जयपुर, 5 अक्टूबर 2026: सोनी इंडिया ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी (सीएसआर) से जुड़ी पहल ‘सोनी ज्ञान सेतु’ के ज़रिए, जयपुर स्थित सोनी ज्ञान सेतु मल्टी-स्किल सेंटर में उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास और रोज़गार-केंद्रित प्रयासों के ज़रिये युवाओं के लिए आजीविका के सार्थक अवसर पैदा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
केडमैन स्किल्ड इंडिया फाउंडेशन और पूर्णिमा ग्रुप ऑफ कॉलेजेज़ की साझेदारी में स्थापित इस केंद्र ने “सृजन: द जर्नी अहेड – एल्युम्नाइ कनेक्ट” कार्यक्रम आयोजित किया। इस आयोजन में शामिल पूर्व छात्र, मौजूदा प्रशिक्षु, सेंटर की टीम और आमंत्रित मेहमानों ने यहां की उपलब्धियों का जश्न मनाया, पूर्व छात्रों के साथ जुड़ाव को मज़बूती प्रदान दी और युवाओं को वहनीय करियर की राह चुनने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम में 221 पूर्व छात्र शामिल हुए, जिन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान खुदरा (रिटेल), स्वास्थ्य (हेल्थकेयर) और सौंदर्य एवं तंदुरुस्ती (ब्यूटी एवं वेलनेस) क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण पूरा किया था और उसके बाद रोज़गार हासिल किया था। उनकी भागीदारी से मौजूदा प्रशिक्षुओं को वास्तविक दुनिया के अनुभव, कार्यस्थल के सफर और करियर की उपलब्धियों के बारे में जानने का अवसर मिला, इससे यह स्पष्ट हुआ कि उचित कौशल, काउंसलिंग और रोज़गार सहायता से कितने अच्छे व्यावहारिक परिणाम मिल सकते हैं।
सोनी इंडिया के उपाध्यक्ष, सीएचआरओ और राष्ट्रीय प्रमुख – सीएसआर, श्री संजय भटनागर ने कहा, “सोनी इंडिया का मानना है कि सार्थक कौशल विकास तभी सबसे अधिक प्रभावी होता है जब वह वास्तव में रोज़गार के अवसरों और करियर में दीर्घकालिक तरक्की से जुड़ा हो। सोनी ज्ञान सेतु पहल प्रशिक्षण, उद्योग की जानकारी, काउंसलिंग और प्लेसमेंट सहायता को एक मंच पर पेश करती है ताकि युवाओं को इस बदलाव के दौर में आगे बढ़ने में मदद मिल सके। हमारे पूर्व छात्रों को मौजूदा प्रशिक्षु के साथ अपने कार्यस्थल का अनुभव साझा करते हुए देखना अपने-आप में संतोषजनक अहसास है। इससे स्पष्ट होता है कि ऐसे परितंत्र के निर्माण के महत्व कितना महत्वपूर्ण है, जहां कौशल को आजीविका में बदला जा सके और करियर में निरंतर प्रगति का मार्ग तैयार किया जा सके।”
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के सह-संस्थापक, निदेशक और प्रबंध निदेशक, श्री राहुल सिंघी ने कहा, “कौशल विकास तभी सही मायने में अर्थपूर्ण होता है जब इससे युवाओं को आत्मविश्वास के साथ रोज़गार की दिशा में अगला कदम उठाने और टिकाऊ करियर बनाने में मदद मिले। हमें ‘सोनी ज्ञान सेतु’ कार्यक्रम के साथ जुड़ने की खुशी है। यह एक ऐसे परितंत्र का निर्माण कर रहा है जो उद्योग की ज़रूरतों के हिसाब से प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और रोज़गार के अवसरों को एक मंच पर लाता है। ‘एल्युम्नाइ कनेक्ट’ इस दृष्टिकोण के असर को दिखाता है। इसमें प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवा वापस आकर अपने अनुभव साझा करते हैं और उन लोगों को प्रेरित करते हैं जो अभी अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं। हम युवाओं के सीखने, आगे बढ़ने और तरक्की करने के और रास्ते बनाने के लिए इस गठजोड़ को जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।”
नए रोज़गार के अवसरों के लिए कौशल विस्तार
इस केंद्र के विकास के अगले चरण के तहत, वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान रिटेल, हेल्थकेयर तथा ब्यूटी एवं वेलनेस के क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण का विस्तार किया गया। साथ ही अपैरल (परिधान) और सेल्फ-एम्प्लॉयड टेलर (एसईटी) जैसे नए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
मौजूदा वित्त वर्ष के पहले बैच में 103 प्रशिक्षुओं ने सफलतापूर्वक अपनी प्रशिक्षण पूरा किया और संबद्ध कौशल से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के तहत रोज़गार हासिल किया। इस आयोजन के समापन समारोह में सफल प्रशिक्षु को प्रमाणपत्र दिए गए, जो प्रशिक्षण से कार्यस्थल की ओर अग्रसर होने तक उनके सफर में महत्वपूर्ण पड़ाव था।
सोनी इंडिया का सीएसआर दृष्टिकोण ‘सोनी ज्ञान सेतु’ के तहत सिर्फ प्रशिक्षण की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोज़गार के व्यापक अवसरों से जोड़ने पर केंद्रित है। यह केंद्र प्रशिक्षु को करियर संबंधी परामर्श, उद्योग के अनुरूप प्रशिक्षण, आकलन, रोज़गार पाने में मदद और उनकी व्यक्तिगत रुचियों तथा करियर की आकांक्षाओं के अनुसार मार्गदर्शन प्रदान करता है।
कौशल से आजीविका तक की मज़बूत कड़ी का निर्माण
‘एल्युम्नाइ कनेक्ट’ की योजना इस तरह बनाई गई है कि यह सिर्फ जश्न न रहे, बल्कि प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों के साथ लगातार जुड़े रहने का माध्यम बने। पूर्व छात्रों के साथ संवाद से मौजूदा प्रशिक्षु को कार्यस्थल के वास्तविक अनुभवों के बारे में पता चलता है और ऐसा समुदाय बनाने में मदद मिलती है जहां सीखने, रोज़गार के अनुभवों और करियर में तरक्की के बारे में जानकारी साझा की जा सके।
इस पहल से सोनी इंडिया की वह व्यापक सीएसआर प्रतिबद्धता रेखांकित होती है जिसका लक्ष्य है, ऐसे अवसर पैदा करना जो युवाओं की रोज़गार पाने की क्षमता, आर्थिक भागीदारी और दीर्घकालिक स्तर पर टिकाऊ आजीविका में योगदान दें। सोनी ज्ञान सेतु कार्यक्रम का उद्देश्य है, कॉर्पोरेट सीएसआर दृष्टिकोण, कौशल में दक्ष क्रियान्वयन भागीदार और संस्थागत परितंत्र को आपस जोड़कर, नए हुनर सीखने से लेकर नौकरी पाने और करियर में निरंतर आगे बढ़ने तक का व्यवस्थित मार्ग तैयार करना।
इस योजना का लाभ उठाने वाली निशा बैरवा ने अपनी बात रखते हुए, कहा, “सोनी ज्ञान सेतु के प्रशिक्षण से मुझे करियर बनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास मिला। आज मैं बॉम्बे हॉस्पिटल में जनरल ड्यूटी असिस्टेंट के तौर पर काम कर रही हूं, जिससे मैं अपने परिवार की मदद करने के साथ-साथ अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही हूं। मैं सोनी इंडिया, पूर्णिमा यूनिवर्सिटी की टीम, केडमैन टीम, अपने प्रशिक्षकों और अपने परिवार की शुक्रगुज़ार हूं कि उन्होंने मेरा साथ दिया। मेरे सफर ने मुझे यह सिखाया है कि उचित अवसर और पक्के इरादे से हर सपना सच हो सकता है।”
एक अन्य लाभार्थी, मेहमीश बानो ने कहा, “सोनी ज्ञान सेतु ने मुझे अपने सपनों को पूरा करने और आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास और हुनर दिया। आज मैं वेस्टसाइड में सौंदर्य सलाहकार (ब्यूटी एडवाइज़र) के तौर पर काम कर रही हूं। अब मैं अपना खर्च खुद उठाने में सक्षम हूं और परिवार की भी मदद करती हूं। करियर बनाने और अपेक्षाकृत अधिक आज़ाद भविष्य की ओर बढ़ने का मौका देने के लिए मैं सोनी इंडिया, केडमैन और पूर्णिमा यूनिवर्सिटी को धन्यवाद देती हूं।”
इस आयोजन का समापन, सोनी इंडिया, केडमैन स्किल्ल्ड इंडिया फाउंडेशन और पूर्णिमा ग्रुप ऑफ कॉलेजेज़ के उस साझा संकल्प को दोहराते हुए संपन्न हुआ, जिसके तहत युवाओं के लिए कौशल विकास और रोज़गार के अवसर बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाता है।
इस तरह, “सृजन: द जर्नी अहेड – एल्युम्नाइ कनेक्ट” तरक्की का जश्न मनाने और आगे की राह पर नज़र डालने का लिए मंच बना। इससे पूर्व प्रशिक्षित लोग मौजूदा प्रशिक्षुओं से जुड़े, जिससे उनमें भरोसा बढ़ा कि उचित कौशल विकास से रोज़गार, सम्मान और बेहतर आर्थिक अवसर के रास्ते खुल सकते हैं।