दूसरों को मित्र बनाओ, मत बनाओ, आत्मा को अपना मित्र जरूर बनाएं आचार्य श्री महाश्रमण
_पुरानी जेलरोड से स्वागत रैली, स्वागत समारोह, तेरापंथ भवन, पार्षद सम्मेलन के बाद पारिवारिक सेवाएं दी तथा रात्रि में दिशा बोध कार्यक्रम हुआ _कर्म के अनुसार आदमी को फल भोगना…






