

आगरा । एक ओर जहां केंद्र और प्रदेश सरकार गरीबों को योजनाओं का लाभ देने में लगी है। वहीं कहीं ना कहीं सरकारी मशीनरी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की योजनाओं को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। जिसका एक जीता जागता उदाहरण आगरा के थाना सदर क्षेत्र के सौहल्ला में देखने को मिला । सौहल्ला के रहने वाले दिलीप बाल्मीकि समाज से है। जिन्होंने कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान के लिए आवेदन किया। लेकिन उनका नाम लिस्ट मे नहीं आया। मरता क्या नही करता मायूस होकर दिलीप ने मकान बनाने की ठान ली और अधिकरियो और सरकार को आईना दिखाने के लिए यह काफी है कि परिवार के लिए छत का इंतजाम करने के लिए दिलीप ने अधिकारियों को कोसते हुए मिट्टी से ही मकान बनाना शुरू कर दिया। लॉक डाउन की शुरुआत होते ही उसने खुद ही मिट्टी का मकान बना डाला।


आज के आधुनिक युग में लोग यहां लेंटर के मकान बना रहे हैं ।वही गरीब मजदूर ने मिट्टी से दो कमरे तैयार करने मे लगा है। वहीं दिलीप ने बताया की उसने कई बार नगर निगम मे मकान के लिए आवेदन किया। लेकिन उसका नाम लिस्ट मे नही आया। जब इस बारे मे नगर निगम मे गया और नाम लिस्ट मे न होने की बातअधिकारियो से कही तो किसी ने कोई जवाब नही मिला और दिलीप ने सरकारी मशीनरी से हार मानकर खुद ही मकान बनाने का मन बना लिया। उन्होंने मिट्टी से ही दो कमरे तैयार कर लिए। जहां सरकारी योजनाओं का लाभ दिलीप गए थे गरीब और मजदूर लोगों को मिलना चाहिए वही अधिकारी इनकी अनदेखी कर सरकार की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं । दिलीप ने बताया कि मेरे जैसे हजारों लोग रोजाना नगर निगम के चक्कर लगाते हैं । लेकिन उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता
