जयपुर 28 जुलाई 2026 भारत का वैश्विक विनिर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनने का लक्ष्य केवल पूंजी निवेश और आधुनिक तकनीक के सहारे पूरा नहीं होगा। इसके लिए ऐसे कुशल मानव संसाधन की भी आवश्यकता होगी, जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं, उन्नत विनिर्माण और अगली पीढ़ी की औद्योगिक प्रणालियों को विकसित और संचालित कर सके।
लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस. एन. सुब्रह्मण्यन (SN Subrahmanyan) के लिए कौशल विकास इसी व्यापक सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जैसे-जैसे L&T कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, वैसे-वैसे कंपनी केवल नई परियोजनाओं में ही नहीं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आवश्यक प्रतिभा विकसित करने में भी निवेश कर रही है। यह उस सोच को दर्शाता है कि टिकाऊ औद्योगिक विकास केवल मजबूत बुनियादी ढांचे से नहीं, बल्कि कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन से भी संभव होता है।
बदलती इंफ्रास्ट्रक्चर अर्थव्यवस्था के लिए कौशल विकास
भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक निर्माण कौशल आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अब उनके साथ ऑटोमेशन, डिजिटल तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विशेषज्ञता की भी आवश्यकता बढ़ रही है।
इसी बदलती मांग को ध्यान में रखते हुए L&T ने देशभर में Construction Skills Training Institutes (CSTIs) का एक व्यापक नेटवर्क विकसित किया है। इन संस्थानों के माध्यम से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में राजमिस्त्री (Masonry), वेल्डिंग, स्कैफोल्डिंग, बार बेंडिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य और फॉर्मवर्क कारपेंट्री जैसे पारंपरिक निर्माण कौशल शामिल हैं। समय के साथ इन पाठ्यक्रमों का दायरा भी बढ़ाया गया है, जिसमें सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाने, CCTV सिस्टम, नेटवर्किंग, मेट्रो कम्युनिकेशन और स्मार्ट मीटरिंग जैसी उभरती तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण भी जोड़े गए हैं।
उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए ये कार्यक्रम ऐसे कार्यबल को विकसित करने में मदद कर रहे हैं, जो भारत के तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर परिदृश्य की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।
केवल प्रशिक्षण नहीं, उद्योग के लिए तैयार पेशेवर
आज बड़े इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए केवल तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं रह गई है। आधुनिक परियोजनाओं में कार्यस्थल सुरक्षा, गुणवत्ता मानकों, परियोजना निष्पादन और बहु-विषयक (Multidisciplinary) सहयोग की समझ भी उतनी ही आवश्यक हो गई है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए L&T कक्षा आधारित प्रशिक्षण के साथ-साथ इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और वास्तविक परियोजना स्थलों पर सुपरवाइज्ड प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराती है। इससे प्रशिक्षुओं को रोजगार शुरू करने से पहले ही व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है और वे उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
L&T की FY2025-26 Sustainability Disclosures के अनुसार, वर्ष के दौरान 16,685 युवाओं ने कंपनी के Construction Skills Training Institutes (CSTIs) के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण पूरा किया। इसके साथ ही CSTI नेटवर्क के जरिए प्रशिक्षित युवाओं की कुल संख्या 3 लाख से अधिक हो गई है।
तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव का यह संयोजन ऐसे पेशेवर तैयार करने में मदद करता है, जो पहले दिन से ही उद्योग की जरूरतों के अनुरूप काम कर सकें। साथ ही, यह भारत के इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्रों में बढ़ती कुशल मानव संसाधन की मांग को पूरा करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

तकनीकी प्रशिक्षण व्यवस्था को भी मजबूत बना रही है L&T
SN Subrahmanyan के लिए क्षमता निर्माण केवल कामगारों को प्रशिक्षित करने तक सीमित नहीं है। उनकी सोच तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर भी समान रूप से केंद्रित है।
इसी उद्देश्य से L&T ने मुंबई में Skill Trainers Academy (STA) की स्थापना की है, जहां ऐसे प्रशिक्षकों को तैयार किया जाता है जो उच्च गुणवत्ता वाला व्यावसायिक प्रशिक्षण दे सकें। यहां संचालित कार्यक्रमों में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ कार्यस्थल सुरक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियां, उत्पादकता में सुधार और प्रभावी संवाद कौशल जैसे विषय भी शामिल हैं।
प्रशिक्षकों में निवेश का प्रभाव केवल एक बैच तक सीमित नहीं रहता। बेहतर प्रशिक्षक भविष्य में हजारों युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देने में सक्षम बनते हैं। इस तरह L&T केवल अपने लिए कुशल मानव संसाधन तैयार नहीं कर रही, बल्कि देश की व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाने में योगदान दे रही है।
भविष्य के इंजीनियरिंग नेतृत्व को तैयार करने की पहल
L&T की प्रतिभा विकास रणनीति केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। कंपनी इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों से निकलने वाली नई प्रतिभाओं के लिए भी एक सुव्यवस्थित विकास प्रणाली तैयार कर चुकी है। इसकी सोच स्पष्ट है कि भविष्य की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए ऐसे पेशेवरों की आवश्यकता होगी, जो इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और परियोजना प्रबंधन, तीनों क्षेत्रों की गहरी समझ रखते हों।
इसी उद्देश्य से L&T कैंपस भर्ती कार्यक्रम, नेतृत्व विकास पहल और CreaTech तथा OutThink जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से शुरुआती स्तर पर ही प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान करती है।
कंपनी के Graduate Engineer Trainees (GETs) और Post Graduate Engineer Trainees (PGETs) संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से गुजरते हैं, जिनमें तकनीकी विशेषज्ञता के साथ नेतृत्व क्षमता, व्यवहारिक कौशल और परियोजना प्रबंधन का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।
इन पहलों के माध्यम से L&T न केवल भविष्य के इंजीनियर तैयार कर रही है, बल्कि ऐसे नेतृत्वकर्ताओं की भी मजबूत श्रृंखला विकसित कर रही है, जो आने वाले वर्षों में तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी-आधारित इंजीनियरिंग परियोजनाओं का नेतृत्व कर सकें।
भारत के औद्योगिक परिवर्तन को मिल रहा है कुशल मानव संसाधन
जैसे-जैसे L&T उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर से जुड़े अवसरों, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विस्तार कर रही है, वैसे-वैसे कुशल मानव संसाधन में उसका निवेश और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
तमिलनाडु में डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और शिपबिल्डिंग से जुड़े क्षेत्रों में ₹18,600 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 8,200 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इस पैमाने की परियोजनाओं के लिए ऐसे इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होगी, जो उन्नत विनिर्माण तकनीकों, ऑटोमेशन और डिजिटल प्रणालियों के साथ काम करने में सक्षम हों।
यह एक महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने लाता है कि केवल उद्योगों में निवेश पर्याप्त नहीं होता। यदि उनके अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध न हो, तो सबसे महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजनाएं भी अपनी पूरी क्षमता हासिल नहीं कर सकतीं। इसलिए बुनियादी ढांचे और विनिर्माण में निवेश के साथ-साथ कौशल विकास में निवेश भी उतना ही आवश्यक है।
निर्माण से आगे, क्षमता निर्माण की सोच
SN Subrahmanyan के नेतृत्व में L&T के लिए कौशल विकास अब केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। व्यावसायिक शिक्षा, इंजीनियरिंग स्नातकों के विकास और तकनीकी क्षमताओं में कंपनी का निवेश इस व्यापक सोच को दर्शाता है कि उत्कृष्ट इंजीनियरिंग की शुरुआत कुशल लोगों से होती है।
भारत जैसे-जैसे विनिर्माण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अपने निवेश को तेज कर रहा है, वैसे-वैसे उच्च कौशल वाले पेशेवरों की मांग भी लगातार बढ़ेगी। L&T अपनी इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के साथ-साथ देश की प्रतिभा श्रृंखला को मजबूत बनाकर इस आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आने वाले वर्षों में संभव है कि SN Subrahmanyan की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में केवल हवाई अड्डे, मेट्रो नेटवर्क, औद्योगिक संयंत्र या विनिर्माण सुविधाओं का निर्माण ही शामिल न हो। उतनी ही महत्वपूर्ण उनकी वह पहल भी मानी जाएगी, जिसके माध्यम से L&T भारत की अगली औद्योगिक छलांग के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने में योगदान दे रही है।