श्रीभक्तमाल कथा चतुर्थ दिवस : चार दिन से निरन्तर चार घंटे हजारों श्रद्धालुओं को मिल रहा भगवत्प्राप्ति का मार्ग
जीवन में कितनी भी प्रतिकूल स्थिति बन जाए, उसमें भी भगवत्कृपा का अनुसंधान करें : श्रीराजेन्द्रदासजी महाराजमैं केवल भगवान का हूँ और केवल भगवान ही मेरे तभी अहम् से मुक्ति…







